दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस की जनसभा से दूरी बनाने और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा मंच से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने के बाद, क्षेत्र के कद्दावर नेता अवधेश नायक ने अपने आगामी राजनैतिक कदम को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि वे भविष्य में जो भी निर्णय लेंगे, वह पूरी तरह से दतिया की जनता और क्षेत्र के हित में होगा। अवधेश नायक ने खुलासा किया कि पिछले दो दिनों के भीतर उनके निवास स्थान पर राजनैतिक सरगर्मियां बेहद तेज रही हैं। इस दौरान मध्य प्रदेश के दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दलों— भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने उनके निवास पर पहुंचकर उनसे सौजन्य भेंट की है और समर्थन मांगा है।


नायक के निवास पर जुटे दोनों दलों के दिग्गज, कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने भी की चर्चा

अवधेश नायक का क्षेत्र में कितना मजबूत राजनैतिक वजूद है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टिकट कटने के बाद उन्हें साधने के लिए दोनों ही दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुलाकातों के इस सिलसिले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) जीतू पटवारी, कांग्रेस के सांसद, कई विधायक, पूर्व मंत्री और संगठन के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी विशेष रूप से उनके निवास पर पहुंचे और उनके साथ बंद कमरे में लंबी चर्चा की। दूसरी ओर, भाजपा खेमे से भी वरिष्ठ नेताओं और प्रत्याशी ने उनसे संपर्क साधकर अपनी पुरानी पार्टी (भाजपा) में घर वापसी करने या परोक्ष रूप से समर्थन देने का आग्रह किया है।


कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद ही होगा अंतिम फैसला, भ्रम में न रहने की अपील

दोनों ही प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात और लंबी चर्चा के बाद भी अवधेश नायक ने अभी अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे नेताओं के कहने पर नहीं, बल्कि अपनी जमीनी ताकत यानी अपने कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर ही कोई कदम उठाएंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा: "अभी बसई अंचल सहित दतिया के ग्रामीण क्षेत्रों के मेरे कर्मठ कार्यकर्ताओं, साथियों और समर्थकों से चर्चा होना शेष है। अगले एक से दो दिनों के भीतर मैं इन सभी साथियों के साथ बैठकर विस्तार से संवाद करूंगा। इस जमीनी रायशुमारी के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।" इसके साथ ही क्षेत्र में लगातार फैल रही अफवाहों, बगावत की खबरों और सोशल मीडिया पर चल रहे कयासों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नायक ने अपने समर्थकों और आम जनता से विशेष अपील की है कि वे किसी भी तरह के भ्रम या बहकावे में न आएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक वे स्वयं मीडिया के सामने आकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं करते, तब तक किसी भी अन्य व्यक्ति या माध्यम द्वारा कही गई बात को उनका फैसला बिल्कुल न माना जाए। उन्होंने अपने इस बयान का समापन "जय माई की" के पारंपरिक जयघोष के साथ किया और कार्यकर्ताओं को पूरी तरह आश्वस्त किया कि उनका लिया जाने वाला हर एक निर्णय सिर्फ और सिर्फ दतिया के विकास, सम्मान और व्यापक हित को समर्पित रहेगा। अब दतिया के इस चुनावी दंगल में सभी की नजरें अगले दो दिनों में होने वाली अवधेश नायक की इस कार्यकर्ता बैठक पर टिकी हैं।