अहमदाबाद। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार को अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा के लिए चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने 16.2 किलोमीटर लंबे पूरे रथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और वरिष्ठ पुलिस व नगर निगम अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। यह वार्षिक रथ यात्रा आषाढ़ी बीज के दिन निकाली जाएगी।

संघवी के साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस मलिक, अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों की तैनाती, कानून-व्यवस्था की तैयारी, यात्रा मार्ग पर संवेदनशील स्थानों और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। पत्रकारों से बात करते हुए संघवी ने कहा कि रथ यात्रा अपने पारंपरिक 16.2 किलोमीटर के मार्ग पर निकाली जाएगी। इसमें तीन मुख्य रथ, 18 हाथी, 103 ट्रक, 30 अखाड़े और कई भजन मंडलियां शामिल होंगी।

उन्होंने बताया, "पूरे मार्ग को 26 रेंज, 53 ऑपरेशनल क्षेत्रों और 1397 सुरक्षा प्वाइंट में बांटा गया है। इस आयोजन के लिए 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 10 इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), 42 डिप्टी पुलिस आयुक्त (डीसीपी) और 88 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शामिल हैं।"

सुरक्षा व्यवस्था के तहत राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की 15 कंपनियां और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 9 कंपनियां भी तैनात की गई हैं।

संघवी ने कहा कि इस बार सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, "इस साल स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), मॉनिटरिंग सिस्टम और 3डी मैपिंग का उपयोग किया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे।"

सुरक्षा योजना के तहत 100 से अधिक ड्रोन से हवाई निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, हाथियों की निगरानी के लिए डेसीबल मीटर, बॉडी-वॉर्न कैमरे, आधुनिक वायरलेस संचार प्रणाली, एआई वॉइस बॉट, एंटी-ड्रोन गन और एआई आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जो संदिग्ध और वांछित अपराधियों की पहचान करने में मदद करेंगे।

संघवी ने कहा कि रथ यात्रा से पहले पुलिस ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया है।

उन्होंने कहा, "पिछले एक महीने में पुलिस ने सभी समुदायों के लोगों के साथ बैठकें कीं और भाईचारे का माहौल बनाने के लिए कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए।" उन्होंने पुलिस और शहर के लोगों को सहयोग के लिए बधाई भी दी।

उपमुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बिना धक्का-मुक्की के दर्शन करें और सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग के किनारे स्थित असुरक्षित इमारतों पर न चढ़ें।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान संघवी ने स्थानीय स्तर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार भी दिए और उनका उत्साह बढ़ाया। अहमदाबाद की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक वार्षिक रथ यात्रा 16 जुलाई को जगन्नाथ मंदिर से शुरू होगी। प्रशासन को इस दौरान पारंपरिक मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।