छतरपुर, संतोष शिवहरे। शासकीय कार्य के एवज में रिश्वत मांगने के एक गंभीर मामले में गौरिहार अनुविभाग प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटवारी महेंद्र सिंह का 18 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे एक कृषक से किसी प्रकरण के निराकरण के बदले 2 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग करते सुनाई दे रहे थे। मामला संज्ञान में आते ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गौरिहार विजय डेहरिया ने त्वरित जांच के बाद निलंबन आदेश जारी कर दिया।
वायरल ऑडियो में पटवारी महेंद्र सिंह द्वारा ग्राम मोटाखेड़ा (तहसील घुवारा) के एक किसान से सीधे तौर पर 2 लाख रुपये की सौदेबाजी की जा रही थी। तहसीलदार गौरिहार से प्राप्त जांच नस्ती के अवलोकन और संबंधित ऑडियो का प्रशासनिक स्तर पर अनुश्रवण (ऑडियो परीक्षण) किए जाने के बाद पाया गया कि पटवारी द्वारा स्पष्ट रूप से रिश्वत की मांग की गई थी।
एसडीएम विजय डेहरिया ने इसे शासकीय सेवा में आचरण और अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना। जारी आदेश के तहत मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1), (2) एवं (3) के प्रावधानों के उल्लंघन तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत पटवारी महेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप तहसील जुझारनगर (तहसील गौरिहार) नियत किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।




