भोपाल। मध्य प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसून ट्रफ के सक्रिय होने के कारण बारिश का दौर तेज हो गया है। राजधानी भोपाल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 4 दिनों तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी संभागों में मध्यम से भारी और अति भारी बारिश की संभावना है। मौसम प्रणाली का असर पहले पूर्वी मध्य प्रदेश (विंध्य, महाकौशल, बुंदेलखंड) में रहेगा, जो धीरे-धीरे 3 और 4 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल) की ओर बढ़ेगा।
चेतावनी और अलर्ट: उमरिया व बालाघाट में अति भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए उमरिया और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है।
अगले 4 दिनों की मौसम रणनीति (1 से 4 सितंबर)
1 व 2 सितंबर: बारिश का मुख्य जोर प्रदेश के पूर्वी हिस्से (रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर संभाग) में रहेगा।
3 सितंबर: मानसूनी सिस्टम पश्चिम की ओर खिसकेगा, जिससे भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश होगी।
4 सितंबर: बारिश का दायरा बढ़ेगा और उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर तथा चंबल संभाग के अधिकतर जिलों में तेज से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
प्रदेश में बारिश के आंकड़े (सामान्य से अब भी 10% कम)
राज्य में अब तक कुल 27.7 इंच (702.9 मिमी) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य बारिश (30.8 इंच या 782.6 मिमी) के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 5% कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 15% कम बारिश हुई है। प्रदेश के करीब 39 जिलों में सामान्य से 2 से 57% तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अगस्त महीने में लगभग 12 इंच पानी गिरा था। मौसम विभाग का अनुमान है कि सितंबर में लगभग 9.6 इंच बारिश होने से राज्य का सामान्य बारिश का 37.3 इंच का औसत आंकड़ा पूरा हो जाएगा।




