छतरपुर/बक्सवाहा, राजू दुबे। आकांक्षी विकासखंड बक्सवाहा में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। ग्राम पंचायत निमानी के मझरा टोला पडसिला में शनिवार को प्रसव पीड़ा से परेशान 30 वर्षीय सुनीता भिलाला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। बारिश के चलते गांव तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया था, जिसके कारण जननी एक्सप्रेस गांव तक नहीं पहुंच सकी।
परिजनों के मुताबिक जननी एक्सप्रेस के लिए सूचना देने के बाद करीब तीन घंटे तक वाहन का इंतजार किया गया, लेकिन खराब रास्ते के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाया। इस दौरान गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और करीब दो किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से पैदल मुख्य मार्ग तक लेकर पहुंचे। यहां से निजी वाहन की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया।
कलेक्टर और विधायक से भी मांगी मदद
परिजनों ने महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए कलेक्टर और स्थानीय विधायक रामसिया भारती से भी मदद मांगी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में गांव की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ती है।
2022 में जमा हुई थी सड़क निर्माण की फाइल
ग्राम पंचायत सचिव महेश शुक्ला के अनुसार पडसिला में सड़क निर्माण को लेकर 17 अक्टूबर 2022 को फाइल जमा की गई थी। इसके बाद छतरपुर से जांच दल ने गांव का निरीक्षण भी किया था, लेकिन अब तक सड़क निर्माण को स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
ग्रामीणों के मुताबिक पडसिला में करीब 8 से 10 आदिवासी परिवार रहते हैं। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में गांव लगभग टापू में तब्दील हो जाता है और आवागमन पूरी तरह मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण को जल्द स्वीकृति देकर काम शुरू कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज या गर्भवती महिला को इस तरह खाट के सहारे कीचड़ भरे रास्ते से न ले जाना पड़े।




