नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के झांसी में 27 से 29 सितंबर तक आयोजित 'श्री सीताराम गुप्ता मेमोरियल ऑल इंडिया मल्लखम्भ चैंपियनशिप 2026' में गुजरात के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। प्रतियोगिता में वडोदरा की दीया रावल ने अंडर-16 गर्ल्स कैटेगरी में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते, वहीं मल्लखम्भ अंडर-18 बॉयज कैटेगरी में देवव्रत पंड्या ने गोल्ड और सिल्वर मेडल अपने नाम किए। शानदार प्रदर्शन के बाद दीया ने बताया, "मैंने झांसी मल्लखम्भ प्रतियोगिता में अंडर-16 कैटेगरी में भाग लिया था। मैंने टीम चैंपियनशिप में सिल्वर और व्यक्तिगत स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है।" वहीं, देवव्रत पंड्या ने बताया, "मैं झांसी में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने गया था, जिसमें हमारी टीम ने गोल्ड मेडल जीता और व्यक्तिगत स्पर्धा में मैंने सिल्वर मेडल हासिल किया है।"
गुजरात स्टेट मल्लखम्भ एसोसिएशन के सचिव राहुल चोकसी ने कहा, "बच्चों का चयन होने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें इसके लिए उन्हें अधिक से अधिक अभ्यास का समय दिया गया। एसोसिएशन की ओर से हमने उन्हें अलग-अलग जगहों पर ट्रेनिंग दी और अपनी तरफ से हर संभव सहयोग प्रदान किया ताकि ये बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर सकें।"
दीया और देवव्रत की जीत से उनके परिजन बेहद गौरवान्वित हैं। उनके मुताबिक गुजरात सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देकर प्रोत्साहित कर रही है और इसी वजह से खिलाड़ी देश दुनिया में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।
दीया की मां पल्लवी रावल ने बताया, "दीया ने छठी कक्षा में मल्लखम्भ खेलना शुरू किया था। आज वह इस खेल में काफी अच्छी प्रगति कर रही हैं। वह अब तक 6-8 नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। हम उनके प्रदर्शन से बहुत खुश हैं।"
वहीं, देवव्रत के पिता विपुल कुमार पंड्या ने कहा, "खेल के क्षेत्र में काफी विकास किया गया है जैसे कि खेलो इंडिया खेलेगा गुजरात, जीतेगा गुजरात और खेल महाकुंभ जैसी प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।"
देश के 14 राज्यों की टीमों के बीच हुए इस मुकाबले में गुजरात के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत पदक जीतने के अलावा राज्य की अंडर-19 बॉयज और अंडर-14 गर्ल्स टीम ने गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। वहीं, अंडर-16 गर्ल्स टीम ने सिल्वर और अंडर-14 बॉयज टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए।
















