छतरपुर, संदीप यादव। जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बृजपुरा में फोरलेन हाईवे ब्रिज के पास बीते दिनों एक बड़ी लूट की घटना सामने आई थी। फरियादी राघवेंद्र सिंह बुंदेला, जो कि बमनोरा जिला महोबा के रहने वाले हैं, वे अपने साथी के साथ इस रास्ते से गुजर रहे थे तभी अपराधियों ने उन्हें अपना शिकार बनाया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला पंजीबद्ध किया और जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक्टिव हुई स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा ने आरोपियों की तत्काल धरपकड़ के कड़े निर्देश जारी किए। उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया तथा अपने मुखबिर तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया, जिससे अपराधियों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया।
कदारी गांव के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस की संयुक्त और त्वरित कार्रवाई के बाद इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान चंद्रशेखर अहिरवार (पिता झंडू अहिरवार), शीतल विश्वकर्मा (पिता रमेश विश्वकर्मा) और भानू सेन (पिता रामकिशन सेन) के रूप में हुई है, जो सभी ग्राम कदारी, थाना सिविल लाइन, जिला छतरपुर के ही रहने वाले हैं।
नगद, मोबाइल और देशी कट्टे के साथ मोटरसाइकिल जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूटी गई नगद राशि और मोबाइल फोन को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके अलावा, उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। बरामद की गई कुल सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 70,000 रुपये बताई जा रही है।
पुलिस टीम को मिला 5 हजार रुपये का इनाम
इस अंधे कत्ल या गंभीर लूट की गुत्थी को मात्र 24 घंटे के भीतर सुलझाने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा द्वारा 5,000 रुपये के नगद इनाम की घोषणा की गई है। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले, नगर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सोनी, थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आशुतोष श्रोत्रिय और उनकी पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा।

















