छतरपुर, जीतेन्द्र तिवारी। बछौन से चंद्पुरा तक करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क एवं नाली निर्माण परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगरवासियों ने निर्माण कार्य कर रही जीआरटीसी (GRTC) कंपनी पर मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्किट हाउस चौराहे के पास बनाई जा रही नाली में कंक्रीट की मजबूती के लिए आवश्यक वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि बिना वाइब्रेटर के ढलाई किए जाने से निर्माण कार्य अंदर से कमजोर हो सकता है। इसके अलावा गिट्टी, सीमेंट और रेत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। नागरिकों का दावा है कि यदि इसी तरह निर्माण जारी रहा तो नाली पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो सकती है।


नगरवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली परियोजना में यदि गुणवत्ता से समझौता किया गया तो इससे सरकारी धन की बर्बादी होगी और आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि सर्किट हाउस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में कथित रूप से हो रही अनियमितताओं पर संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।


आक्रोशित नागरिकों ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।