मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना नेता शायना एनसी और भाजपा विधायक राम कदम ने विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शायना एनसी ने दीपावाली के दौरान मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए लोगों से त्योहार जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा। वहीं, भाजपा विधायक राम कदम ने कांग्रेस और कुछ संगठनों पर निशाना साधते हुए उनके नेताओं के आचरण और बयानों पर सवाल उठाए।शिवसेना नेता शायना एनसी ने मुंबई में दीपावली के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से 350 तक पहुंच जाता है। शहर में प्रदूषण का लगभग 51 प्रतिशत हिस्सा निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल के कारण होता है।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण को गंभीरता से लेने की जरूरत है। लोग दीपावली पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएं, लेकिन इसके साथ अपनी जिम्मेदारी भी समझें और अदालत के आदेशों का सम्मान करें।

शायना एनसी ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए त्योहारों का राजनीतिकरण करना उचित नहीं है। हमें अपनी सनातन और सांस्कृतिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों और परंपराओं का सम्मान करने के साथ-साथ मुंबई की हवा की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना चाहिए।

शायना एनसी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है, तो वह ईवीएम को दोष देता है और जब विमर्श की लड़ाई हारता है, तो विदेशियों को जिम्मेदार ठहराने लगता है।

उन्होंने मतदाता सूची से तीन करोड़ घुसपैठियों के नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए विपक्ष से सवाल किया कि क्या वह घुसपैठियों को बचाना चाहता है और क्या यही उसका वोट बैंक है।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी की नहीं, बल्कि भ्रम और सुशासन के बीच की है। भारत की जनता ने 2014, 2019 और 2024 में तीन बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना है। जनता का फैसला नहीं बदल सकता। अगर राहुल गांधी वास्तव में बहस करना चाहते हैं, तो उन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी चाहिए।

भाजपा विधायक राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता रामलीला मैदान जाते समय 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' के नारे लगाते हैं, लेकिन रास्ते में ही पार्टी की एक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि दूसरी महिला प्रतिनिधि को थप्पड़ मार देती है।

उन्होंने कहा कि देश और संविधान बचाने की बात करने से पहले कांग्रेस को अपनी पार्टी को बचाने पर ध्यान देना चाहिए। पार्टी को अपने नेताओं के आचरण और चरित्र की समीक्षा करनी चाहिए। राम कदम ने इसे कांग्रेस की असली पहचान बताया।

राम कदम ने कहा कि संविधान हर धर्म और व्यक्ति की आस्था एवं विश्वास का सम्मान करता है। किसी को भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग एक तरफ संविधान की रक्षा की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उसके मूल्यों का उल्लंघन करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां देश में अशांति पैदा कर सकती हैं। सभी को धार्मिक आस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए।