छतरपुर। लवकुश नगर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आई, जहां विभाग ने दो दिवंगत शिक्षकों को ही कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर दिया है। यह अजब-गजब मामला लवकुश नगर जन शिक्षा केंद्र का है, जहां ई-अटेंडेंस (M-Shiksha Mitra App) में कथित अनियमितताओं को लेकर यह कार्रवाई की गई है। नोटिस मिलने के बाद से मृत शिक्षकों के परिजन परेशान और हैरान हैं कि वे इस दुनिया से जा चुके है अब इस सरकारी नोटिस को उन तक कैसे पहुंचाएं।


क्या है पूरा मामला?

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और ई-अटेंडेंस की समीक्षा की जा रही थी। इस दौरान लवकुश नगर जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले दो स्कूलों में दो शिक्षकों की उपस्थिति में अनियमितता और लापरवाही पाई गई। जिसमें विभाग के बाबू और जिम्मेदार अधिकारियों ने जमीनी हकीकत जाने बिना या सर्विस रिकॉर्ड को अपडेट किए बिना ही कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।


नोटिस में सख्त निर्देश दिए गए थे कि "निर्धारित समय सीमा के भीतर उपस्थित होकर अपनी ई-अटेंडेंस में गड़बड़ी का कारण स्पष्ट करें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"


मृत्यु प्रमाण पत्र ने खोली विभाग की पोल

जब यह सरकारी नोटिस दिवंगत शिक्षकों के घर पहुंचा, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने जब नोटिस देखा तो वे समझ नहीं पाए कि इस पर क्या प्रतिक्रिया दें। इन मृत्यु प्रमाण पत्रों ने शिक्षा विभाग के डिजिटल सिस्टम और कागजी कामकाज की पोल खोलकर रख दी है। इस लापरवाही से यह साफ हो गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का अमला कितना लापरवाह है, जिसे यह तक नहीं पता कि उनके विभाग में कार्यरत कौन से कर्मचारी जीवित हैं और किनका निधन हो चुका है। परिजनों का कहना है कि "विभाग की इस गंभीर लापरवाही ने हमारे पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। जो व्यक्ति इस दुनिया में ही नहीं है, उसे विभाग नोटिस तामील करा रहा है। अब हम यह नोटिस उन तक कैसे पहुंचाएं, ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के तालमेल पर सवाल उठाए हैं कि आखिर संकुल (जन शिक्षा केंद्र) स्तर से मृत शिक्षकों की जानकारी जिला मुख्यालय को समय पर क्यों नहीं भेजी गई या भेजी गई तो उसे रिकॉर्ड में दर्ज क्यों नहीं किया गया।