पटना। बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत का भरोसा जताया है। वहीं, दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर व्यापारियों की चिंताओं का समर्थन करते हुए नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है।बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईएएनएस से बात करते हुए बिहार एमएलसी चुनावों में एनडीए की शानदार जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को पूरा विश्वास है कि वह सभी आठ सीटों पर जीत दर्ज करेगा। एनडीए इनमें से तीन सीटें पहले ही जीत चुका है। यदि निर्दलीय उम्मीदवार को भी शामिल कर लिया जाए, तो यह संख्या चार हो जाती है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन को चुनाव में बहुत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। यदि एनडीए सभी आठ सीटें जीतने में सफल रहता है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। सरावगी ने यह भी कहा कि इन चुनावों में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की अहम भूमिका है। उनकी समस्याओं और चिंताओं को दूर करने के लिए गठबंधन ने पूरी ईमानदारी से काम किया है।
वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी एमएलसी चुनावों में एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है और मतदाताओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
राजीव रंजन ने कहा कि मतदाताओं ने पिछले 20 वर्षों में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों और उपलब्धियों का श्रेय एनडीए को दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से कम समय में किए गए कार्यों को भी सकारात्मक माहौल का कारण बताया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली को लेकर भी बिहार के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) की ओर से राहुल गांधी को लिखे गए पत्र और रैली स्थगित करने की मांग को जायज ठहराया।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जंतर-मंतर पर हुए हंगामे के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। त्योहारों के मौसम में व्यापारी सालभर के नुकसान की भरपाई करने की उम्मीद रखते हैं। ऐसे समय में रामलीला मैदान में रैली आयोजित होने से करीब 10,000 करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल, कार्यकर्ता और नागरिक को रैली, धरना तथा विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन ये सभी गतिविधियां निर्धारित समय-सीमा और कानून के दायरे में होनी चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि आम जनता को परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि नवंबर का महीना त्योहारों के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान दुकानदारों तथा व्यापारियों का कारोबार काफी अहम होता है। सीटीआई ने व्यापार में संभावित बाधा से बचने के लिए रैली को कुछ दिनों के लिए टालने का अनुरोध किया है। लोग आमतौर पर उन इलाकों में जाने से बचते हैं, जहां रैलियां या विरोध-प्रदर्शन हो रहे होते हैं।
श्याम रजक ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को कोई गंभीर नेता नहीं मानता। तेजस्वी विधानसभा, सड़कों, जनहित के मुद्दों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय नजर नहीं आते। नेता लगातार सार्वजनिक जीवन से दूर रहता है और कभी-कभार ही सामने आता है।

















