बीजिंग। भारत में चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये ने 29 सितंबर को बेंगलुरु में अंतःविषयक स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दौरा किया और उप कुलपति लीना चंद्रन वाडिया आदि लोगों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।कौंसल जनरल छिन च्ये ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीन और भारत के नेताओं के बीच हुई हालिया बैठक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में सहायक होगी। चीन और भारत दोनों ही प्राचीन सभ्यताएं हैं जिनका पारंपरिक चिकित्सा का लंबा इतिहास है। दोनों पक्ष पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत कर सकते हैं और सभ्यताओं के बीच आपसी सीख को गहरा कर सकते हैं।

30 सितंबर को, छिन च्ये ने बेंगलुरु में भारत के विश्व सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित ब्रिक्स सहयोग फोटो प्रदर्शनी का दौरा किया। इस के दौरान उन्होंने कहा कि यह फोटो प्रदर्शनी ग्लोबल साउथ की एकता और आत्मनिर्भरता तथा ब्रिक्स सहयोग के विकास और प्रगति की यात्रा को जीवंत रूप से दर्शाती है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हाल ही में नई दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।

सम्मेलन में अपनी उपस्थिति के दौरान, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ब्रिक्स सहयोग के विकास और चीन-भारत संबंधों पर कई महत्वपूर्ण भाषण दिए, जो ब्रिक्स सहयोग के स्थिर और दीर्घकालिक विकास और द्विपक्षीय संबंधों की निरंतर प्रगति को बढ़ावा देंगे। छिन च्ये ने बल देकर कहा कि दोनों पक्षों को संस्कृति, शिक्षा और युवा क्षेत्रों में आदान-प्रदान को गहरा करना चाहिए और लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देना चाहिए।

ठीक उसी दिन में कौंसल जनरल छिन च्ये ने बेंगलुरु स्थित सीएमआर विश्वविद्यालय का दौरा भी किया और उप कुलपति राजवेंद्र तथा संकाय और छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।

छिन च्ये ने कहा कि विश्व के सबसे अधिक आबादी वाले देशों और प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, चीन और भारत के आदान-प्रदान और सहयोग से न केवल दोनों देशों के लोगों को लाभ होता है, बल्कि यह वैश्विक दक्षिण के पुनरोद्धार और विश्व शांति और विकास के रखरखाव में भी योगदान देता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)