मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ में चार साल के मासूम कृष्णपाल उर्फ बाबू की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते और अपनों की गोद में मुस्कुराते हैं, उस उम्र में बाबू की जिंदगी का खौफनाक अंत हो गया। पुलिस के अनुसार, यह पूरी वारदात चॉकलेट को लेकर हुई एक मामूली डांट से उपजी नाराजगी का नतीजा थी।

चॉकलेट की बात पर उपजी थी नाराजगी घटना के पीछे की जो वजह सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस घटना से करीब 10 से 12 दिन पहले बाबू की मां ने चॉकलेट की बात को लेकर पड़ोस में रहने वाली करीब 12 वर्षीय नाबालिग लड़की को डांट दिया था। आरोप है कि इसी बात को लेकर नाबालिग के मन में रंजिश पल रही थी। 24 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे उसी नाबालिग ने चॉकलेट देने के बहाने मासूम बाबू को अपने घर बुलाया और इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।

पानी की होद में दिया धक्का और ऊपर रखा पत्थर पुलिस जांच में सामने आया कि मासूम को घर बुलाने के बाद उसे पानी की होद में धक्का दे दिया गया और उसकी हत्या सुनिश्चित करने के लिए उसके ऊपर पत्थर रख दिया गया। इसके बाद आरोपी नाबालिग सामान्य नजर आती रही, जबकि दूसरी तरफ परिवार और पूरा इलाका मासूम की तलाश में जुटा हुआ था।

गलियों में तलाशते रहे परिजन, घर की होद से मिला शव घटना के बाद बाबू के परिजन उसे गलियों और आसपास के इलाकों में बेचैनी से तलाशते रहे। परिवार को उम्मीद थी कि उनका लाडला कहीं खेलता हुआ मिल जाएगा। हालांकि, तलाश का अंत बेहद वीभत्स रूप में हुआ। बाबू को आखिरी बार उसी नाबालिग लड़की के साथ देखे जाने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर उसके घर की तलाशी ली। इस दौरान घर में बनी पानी की होद से मासूम का शव बरामद किया गया।

न्यायालय के आदेश पर बाल सुधार गृह भेजी गई नाबालिग पुलिस के अनुसार, सख्ती से पूछताछ करने पर नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे विदिशा स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

तीन बहनों का इकलौता भाई था बाबू, घर में पसरा मातम बाबू तीन बहनों का इकलौता भाई था। जिस घर में कुछ दिन पहले तक उसकी किलकारियों से रौनक रहती थी, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा बनने से पहले ही उनका इकलौता लाडला इस दुनिया से चला गया और तीन बहनों के सिर से भाई का साया हमेशा के लिए उठ गया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शामगढ़ कस्बे को गमगीन कर दिया है।