उत्तराखंड। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम क्षेत्र में शुक्रवार को अचानक बादल फटने से भारी तबाही हुई है। बादल फटने के बाद पहाड़ी से बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ और भारी-भरकम बोल्डर व मलबा पैदल रास्ते पर आ गिरे। इस कारण केदारनाथ धाम का मुख्य पैदल मार्ग आवागमन के लिए पूरी तरह बंद हो गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को सुरक्षित पड़ावों पर रोक दिया है और मलबे को हटाने के लिए राहत व बचाव दलों को तैनात किया गया है।


उत्तर प्रदेश: 10 नदियां लाल निशान के पार, मिर्जापुर में पुल तो फर्रुखाबाद में हाईवे डूबा

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के चलते गंगा और यमुना सहित 10 से अधिक प्रमुख नदियां उफान पर हैं। राज्य के 26 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे 4 लाख से अधिक आबादी सीधे प्रभावित हुई है। मिर्जापुर में बाढ़ के तेज बहाव में पुल डूब गया है, जबकि फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग के जलमग्न होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और बलिया समेत कई जिलों में गंगा-यमुना का पानी बस्तियों में प्रवेश कर गया है, जिससे लोग छतों पर शरण लेने को विवश हैं।


मध्य प्रदेश: 3 दिन के ब्रेक के बाद मानसून पुनः सक्रिय, दमोह में बाढ़ जैसे हालात

मध्य प्रदेश में तीन दिन के ठहराव के बाद मानसूनी सिस्टम एक बार फिर सक्रिय हो गया है। गुरुवार रात से राजधानी भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा सहित कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम केंद्र ने शुक्रवार को प्रदेश के 12 जिलों में भारी से अति-भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दमोह जिले में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। शहर की कई रिहायशी कॉलोनियों और सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।


बिहार: 14 जिलों के 2,360 गांवों में घुसा पानी, 44 लाख लोग बाढ़ से घिरे

बिहार में बाढ़ का संकट दिन-ब-दिन और विकराल रूप धारण करता जा रहा है। गंगा, कोसी और गंडक सहित राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों की करीब 44 लाख आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। बेघर हुए करीब 27,954 लोग विभिन्न सरकारी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। तटबंधों पर पानी का अत्यधिक दबाव बना हुआ है।


उत्तराखंड में मौसम का पूर्वानुमान: अगले 3 दिन गरज-चमक के साथ अलर्ट

राजधानी देहरादून में देर रात और दोपहर बाद तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान लुढ़ककर अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में अगले तीन दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान इस प्रकार है:


  • 12 सितंबर: देहरादून, बागेश्वर और उत्तरकाशी जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट। राज्य के सभी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति-तीव्र दौर की संभावना।
  • 13 सितंबर: बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश के मद्देनजर यलो अलर्ट। पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के दौर तथा हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गरज-चमक व वज्रपात की चेतावनी।
  • 14 सितंबर: राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश के तीव्र दौर जारी रहने के आसार; मौसम विभाग ने सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।