बलिया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने राम मंदिर के चंदे में अनियमितताओं को लेकर तीखे बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को दीपावली नहीं मनानी चाहिए। वे देश के सैनिकों को धोखा दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 1990 में हुई फायरिंग को सही ठहराते हुए कहा कि संविधान को बचाने के लिए नेताजी का वह कदम बिल्कुल सही था।

सनातन पांडे ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री क्या मना रहे हैं और कब मना रहे हैं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है, यह उनका अपना मामला है। हम बस इतना जानते हैं कि देश के प्रधानमंत्री को दीपावली नहीं मनानी चाहिए। वह हमारे सैनिकों को धोखा दे रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान हमारी सभी सीमाओं पर सैनिक मारे गए हैं। वे दिखावा करते हैं, यह पूरा देश जान चुका है। उनके कार्यकाल में भारत के किसी भी देश के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं।"

एक अन्य बयान में सनातन पांडे ने कहा, "मेरा भी यही मानना है कि भारत के संविधान को बचाने के लिए आदरणीय नेताजी द्वारा गोली चलवाना बिल्कुल सही कदम था। भारत को बचाने के लिए उन्होंने जो गोलियां चलवाईं, हाई कोर्ट की रोक हट चुकी थी। अगर नेताजी वहां न आते और गोली चलाने का आदेश न देते, तो आपकी मस्जिद ढहा दी जाती, या फिर मंदिर और मस्जिद दोनों ही ढहा दिए जाते।"

उन्होंने कहा, "उस समय, भारत में गृहयुद्ध छिड़ सकता था। हमने भारत और उसके संविधान को बचाने के लिए गोली चलवाई थी। मुझे समझ नहीं आता कि हमारी पार्टी के लोग इस मुद्दे पर हिचकिचाते क्यों हैं। हम खुलकर कहते हैं कि हमने भारत के संविधान को बनाए रखने की शपथ ली है, हम संविधान और गीता की कसम खाते हैं। मैं बस इतना कहूंगा कि हमसे गलती हुई है, और जनता की बदौलत ही हम आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। अपनी गलती के लिए माफी मांगने में मुझे कोई संकोच नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री को भी अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं के लिए माफी मांगनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "क्या उन्होंने राम मंदिर के लिए इकट्ठा किए गए चंदे में कथित चोरी के मामले में माफी मांगी है? पूरा देश, जिसमें एक विशेष समुदाय के लोग और विदेशों में रहने वाले भारतीय भी शामिल हैं, उनसे माफी की उम्मीद कर रहा है। जिन लोगों ने भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया और राम के नाम पर आए चंदे में कथित तौर पर हेराफेरी की, उन्हें देश के सामने माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और चुनाव के जरिए जनता से नया जनादेश लेना चाहिए।"