नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की ओर से बुलाई गई 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में गैरहाजिर रहे पदाधिकारियों के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लिया है। पदाधिकारियों को गैरमौजूदगी भारी पड़ी है।भारतीय युवा कांग्रेस की ओर से तीन राज्यों में बड़ा एक्शन लिया गया है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में 60, हरियाणा में 10 और हिमाचल प्रदेश में 13 युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित कुल 83 लोगों को निलंबित कर दिया है। कांग्रेस की ओर से की गई इस कार्रवाई में प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव से लेकर जिलाध्यक्ष तक के नेता शामिल हैं। रैली में भीड़ जुटाने के दावों के बीच अब संगठन के भीतर ही जवाबदेही तय करने का संदेश दिया जा रहा है।
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की रैली को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कहा था कि ज्ञानेश कुमार को इसके लिए मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और उन्हें जेल जाना होगा।
राहुल गांधी ने कहा था कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह सामान्य चोरी नहीं, बल्कि कानूनी भाषा में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम) श्रेणी का मामला है। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर ईवीएम के इस्तेमाल और मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाने के जरिए वोट चोरी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, "प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह देशद्रोह और हर नागरिक की आवाज की चोरी के समान है।"
राहुल गांधी ने कहा था कि यहां जुटे लोग संदेश दे रहे हैं कि कोई कितना भी शक्तिशाली और अमीर क्यों न हो, वह संविधान से बड़ा नहीं हो सकता। संविधान सर्वोच्च है। उन्होंने इस रैली को लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुटता और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन बताया।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश की आत्मा, लोकतंत्र और संविधान पर हमला किया है, लेकिन हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।"















