महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई से बिजली विभाग की मनमानी और भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ महज 1,791 रुपये का बिजली बिल बकाया होने पर विभाग ने न सिर्फ उपभोक्ता का कनेक्शन काट दिया, बल्कि घर से केबल भी उखाड़कर ले गए। इसके विरोध में उपभोक्ता के बेटे ने पावर हाउस परिसर में अनशन शुरू कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
कबरई के रहने वाले जागेश्वर विश्वकर्मा के बेटे राहुल विश्वकर्मा ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं: परिवार का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 में वैध बिजली कनेक्शन लिया था, लेकिन विभाग की ओर से आज तक उनके घर पर मीटर नहीं लगाया गया। इसके बावजूद वे नियमित रूप से अपना बिल भर रहे थे। विभाग ने मात्र ₹1,791 का बकाया बताकर उनका कनेक्शन काट दिया और घर की केबल भी निकालकर अपने साथ ले गए। इसके अलावा विभाग ने उन पर कटिया डालकर बिजली चोरी करने का भी आरोप लगाया है।
जेई पर रिश्वत मांगने का आरोप
राहुल विश्वकर्मा का आरोप है कि जब वह अपनी शिकायत लेकर कबरई पावर हाउस के जेई (Junior Engineer) विनय कुमार के पास पहुंचे, तो उन्होंने विजिलेंस की कार्रवाई को रफा-दफा करने और जेल भेजने की धमकी दी। राहुल का दावा है कि इस मामले को दबाने के एवज में ₹20,000 की रिश्वत की मांग की गई। इन गंभीर आरोपों से परेशान होकर राहुल रविवार सुबह 11 बजे से पावर हाउस परिसर में ही अनशन पर बैठ गए। उन्होंने जिला कलेक्टर और उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और न्याय की गुहार लगाई है।
विभाग का पक्ष
दूसरी ओर, आरोपी जेई विनय कुमार ने राहुल द्वारा लगाए गए सभी रिश्वत के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। जेई का कहना है कि संबंधित उपभोक्ता बिजली चोरी करते हुए पकड़े गए थे, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, और इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासनिक व विभागीय स्तर पर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

















