मुंबई। सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस' के नए सीजन में पंजाबी अभिनेत्री लवप्रीत गिल और भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री आम्रपाली दुबे भी आई हैं। शो में एंट्री के साथ ही दोनों अभिनेत्रियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लवप्रीत गिल की तुलना 'बिग बॉस 13' की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट्स में शामिल रहीं शहनाज गिल से की जा रही है।आईएएनएस ने जब लवप्रीत गिल से पूछा कि एक पंजाबी अभिनेत्री के तौर पर 'बिग बॉस' में उनकी तुलना शहनाज गिल से की जा रही है, तो उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया दी। लवप्रीत ने कहा, ''शहनाज गिल मेरी सीनियर कलाकार हैं और मैं उनका सम्मान करती हूं, लेकिन मेरी अपनी अलग पहचान है। मेरी लोगों से अपील है कि मेरी शहनाज से तुलना न करें, बल्कि एक अलग कलाकार के रूप में मुझे जानें और प्यार दें।''
शहनाज गिल 'बिग बॉस' के इतिहास की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली पंजाबी कंटेस्टेंट्स में से एक रही हैं। 'बिग बॉस 13' में शहनाज ने 'पंजाब की कटरीना' के रूप में एंट्री ली थी और देखते ही देखते अपने चुलबुले अंदाज से दर्शकों की फेवरेट बन गई थीं। शो में दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के साथ उनकी बॉन्डिंग भी काफी चर्चा में रही। दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने 'सिडनाज' नाम दिया और सोशल मीडिया पर इस हैशटैग की जबरदस्त लोकप्रियता देखने को मिली।
'बिग बॉस 13' में शहनाज गिल सेकेंड रनर-अप रही थीं, जबकि सिद्धार्थ शुक्ला ने शो की ट्रॉफी अपने नाम की थी।
वहीं, 'बिग बॉस 20' में मौजूद आम्रपाली दुबे ने भोजपुरी सिनेमा को लेकर लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी बहस पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''भोजपुरी इंडस्ट्री पिछले कुछ सालों से लगातार अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रही है और अब इसके नतीजे भी दिखाई देने लगे हैं। पहले भोजपुरी फिल्मों के नाम के साथ एक तरह की नकारात्मक सोच जुड़ गई थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। बड़ी संख्या में भोजपुरी फिल्में अब यू/ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज हो रही हैं, जो इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव है।''
आम्रपाली दुबे ने कहा, ''पिछले कुछ वर्षों में भोजपुरी सिनेमा ने इस दिशा में काम शुरू किया है। अब ऐसी फिल्में बन रही हैं, जिन्हें परिवार के साथ देखा जा सकता है। लोग घरों में भोजपुरी फिल्में देख रहे हैं और महिलाओं की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। यही बदलाव धीरे-धीरे भोजपुरी सिनेमा की पुरानी छवि को बदलने में मदद करेगा।''
अभिनेत्री ने कहा, ''किसी भी इंडस्ट्री की धारणा रातोंरात नहीं बदलती और इसके लिए समय चाहिए। भोजपुरी सिनेमा ट्रांजिशन फेज में है। यह बदलाव जल्द मजबूत होगा और आने वाले समय में दर्शक भोजपुरी फिल्मों को पहले से कहीं बड़े स्तर पर देखेंगे और पसंद करेंगे।''




