नई दिल्ली/मुंबई, 14 जुलाई । देश भर में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने अपने व्यापक गुणवत्ता निगरानी अभियान के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि देश भर में अपने रिटेल आउटलेट्स पर एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर निरीक्षण और परीक्षण किए गए। इस दौरान ईंधन में मिलावट, प्रदूषण या गुणवत्ता संबंधी किसी भी गंभीर अनियमितता का एक भी मामला सामने नहीं आया। एचपीसीएल ने एक बयान में कहा कि 7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 के बीच कंपनी के फील्ड अधिकारियों ने देश भर के 2,173 पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण किए, ताकि एथेनॉल ब्लेंडिंग के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, 3 जुलाई से 13 जुलाई 2026 के बीच नियमित गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम के तहत 1,385 नियमित निरीक्षण भी किए गए।
कंपनी ने बताया कि निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए उसकी क्वालिटी एश्योरेंस सेल (एंटी-एडल्टरेशन सेल) ने 93 अतिरिक्त औचक निरीक्षण किए। वहीं, मोबाइल प्रयोगशालाओं की मदद से 49 ईंधन नमूनों की जांच भी की गई। सभी परीक्षणों में ईंधन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया और कहीं भी मिलावट, दूषण या गुणवत्ता संबंधी किसी भी प्रकार की गंभीर गड़बड़ी नहीं मिली।
एचपीसीएल का कहना है कि कंपनी पूरे देश में ईंधन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बहु-स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली अपनाती है। इसके तहत नियमित फील्ड निरीक्षण, अचानक जांच, प्रयोगशाला परीक्षण और लगातार निगरानी की जाती है, ताकि उपभोक्ताओं तक निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन पहुंच सके।
कंपनी ने दोहराया कि उसका उद्देश्य देश भर में अपने सभी रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से ग्राहकों को सुरक्षित, भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम लगातार जारी रहेगा, ताकि ईंधन की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं का भरोसा कायम रहे।




