मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र से आस्था, समर्पण और कठिन भक्ति का एक ऐसा अनोखा नजारा सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया है। क्षेत्र के ग्राम नयाखेड़ा के रहने वाले एक परम श्यामभक्त मोनू पाटीदार ने खाटू वाले बाबा श्याम के दरबार तक पहुंचने के लिए एक बेहद कठिन और रोंगटे खड़े कर देने वाला संकल्प लिया है।

मोनू पाटीदार सामान्य रूप से नहीं, बल्कि लोहे की नुकीली कीलों से बने बिस्तर पर लेटकर दंडवत यात्रा करते हुए बाबा श्याम के मंदिर की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। लोहे की इन कीलों की तीखी चुभन और असहनीय शारीरिक दर्द भी उनके मजबूत कदमों को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। दिल में बाबा श्याम का नाम और मन में अटूट विश्वास लिए यह श्यामभक्त पूरी लगन से अपनी इस कठिन यात्रा को पूरा करने में जुटा हुआ है।


रास्ते में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़, कौतूहल का विषय बनी यात्रा

मोनू पाटीदार की इस हैरतअंगेज और अनोखी भक्ति को अपनी आंखों से देखने के लिए यात्रा के मार्ग में स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ रही है। जो कोई भी इस दृश्य को देख रहा है, वह भक्त की अगाध आस्था और उसके अडिग संकल्प को देखकर दांतों तले उंगली दबा रहा है। भक्त का यह अनोखा और साहसिक अंदाज अब पूरे मल्हारगढ़ और आसपास के समूचे क्षेत्र में व्यापक चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। लोग मोनू पाटीदार के इस जज्बे को नमन कर रहे हैं और यात्रा मार्ग में उनका उत्साहवर्धन भी कर रहे हैं।


दर्द की राह पर आस्था की जीत, भक्ति की नई मिसाल बने मोनू

श्यामभक्त मोनू पाटीदार का एकमात्र अंतिम लक्ष्य इस कठिन संकल्प को निभाते हुए बाबा श्याम के मुख्य दरबार तक सुरक्षित पहुंचना और अपनी यात्रा को पूर्ण करना है। धार्मिक जानकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नजारा दिखाता है कि जब भक्ति पराकाष्ठा पर होती है, तो शरीर को मिलने वाला बड़े से बड़ा कष्ट और दर्द भी फीका पड़ जाता है। नुकीली कीलों पर लेटकर बाबा श्याम के भजनों की धुन के साथ आगे बढ़ता यह श्यामभक्त अब समूचे मंदसौर जिले में निश्छल भक्ति की एक बेहद अनूठी और जीवंत मिसाल बन गया है।