जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-पोस्ट ग्रेजुएट (NEET PG) परीक्षा के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक व तकनीकी गड़बड़झाला सामने आया है। सीतापुरा स्थित प्रमुख परीक्षा केंद्र 'आईओएन डिजिटल जोन' (iDZ) पर ऐन परीक्षा के समय बिजली गुल होने और सर्वर-सिस्टम ठप होने के कारण भारी हंगामा खड़ा हो गया। घंटों तक मची अफरा-तफरी और परीक्षार्थियों के आक्रोश के बाद परीक्षा एजेंसी को इस केंद्र की परीक्षा तत्काल प्रभाव से रद्द करनी पड़ी। अब इस सेंटर के प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा 5 सितंबर को आयोजित की जाएगी।
9 बजे की जगह 10 बजे शुरू हुई परीक्षा, 2 घंटे में 10 बार बंद हुए कंप्यूटर
परीक्षा देने पहुंचे एमबीबीएस डॉक्टरों का आरोप है कि निर्धारित समय सुबह 9:00 बजे की बजाय परीक्षा 10:00 बजे शुरू कराई गई। परीक्षा शुरू होने के बाद भी तकनीकी खामियों का सिलसिला थमा नहीं और दो घंटे के अंतराल में करीब 10 बार सिस्टम बंद (शटडाउन) हुए। छात्रों का कहना है कि स्क्रीन रीस्टार्ट होने पर किसी कंप्यूटर पर 3 से 4 सवाल तो किसी पर 5 से 6 सवाल आने के बाद सिस्टम दोबारा बंद हो रहे थे।
छात्रों ने लगाया पेपर लीक का आरोप, सेंटर से जिम्मेदार नदारद
परीक्षा में शामिल डॉक्टरों ने व्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि सिस्टम में अलग-अलग समय पर आंशिक रूप से प्रश्न पत्र खुलने और बार-बार रीस्टार्ट होने से पेपर लीक होने या डेटा में गड़बड़ी की आशंका है। अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि जब परीक्षा कक्षों में हंगामा और तकनीकी दिक्कतें हो रही थीं, तब मौके पर कोई भी सक्षम प्रशासनिक अधिकारी या केंद्र प्रभारी स्थिति संभालने मौजूद नहीं था।
पूर्व में AIAPGET परीक्षा में भी सामने आई थी ऐसी ही लापरवाही
गौरतलब है कि जयपुर के इसी परीक्षा केंद्र पर पूर्व में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित 'ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट' (AIAPGET) 2026 के दौरान भी अचानक बिजली गुल होने का गंभीर मामला सामने आया था। उस समय भी भारी अव्यवस्था के चलते परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी, जिसे 1 सितंबर को आयोजित कराने का निर्णय लिया गया था। बार-बार एक ही केंद्र पर इस तरह की गंभीर लापरवाही सामने आने से नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन और स्थानीय परीक्षा प्रबंधन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।




