छतरपुर। छतरपुर जिले के बिजावर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश शुक्ला 'बबलू' ने बुंदेलखंड अंचल के सर्वांगीण विकास और प्रमुख धार्मिक-पर्यटन स्थलों को मुख्यधारा के रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में एक महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया है।


विधानसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 117 के तहत प्रस्तुत इस संकल्प (ऑनलाइन क्रमांक 136) के माध्यम से विधायक शुक्ला ने केंद्र सरकार (रेल मंत्रालय) से पुरजोर मांग की है कि प्रस्तावित भोपाल–सागर–छतरपुर–खजुराहो एवं दमोह–हटा–खजुराहो रेल मार्ग सर्वे में ऐतिहासिक नगर बिजावर तथा प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री जटाशंकर धाम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए एवं यहाँ नए रेलवे स्टेशन की स्वीकृति प्रदान की जाए।


विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा द्वारा जारी पत्रक के अनुसार, आगामी 24 जुलाई को सदन में इस संकल्प पर चर्चा होगी। सदन से संकल्प पारित होने के उपरांत राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को आधिकारिक सिफारिश भेजी जाएगी।


दस्यु प्रभावित अतीत और कनेक्टिविटी की चुनौती का समाधान

संकल्प पत्र में विधायक राजेश शुक्ला ने उल्लेख किया कि बिजावर क्षेत्र वन संपदा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक तीर्थों से समृद्ध होने के बावजूद विकास की दौड़ में पिछड़ा रहा है। अतीत में यह क्षेत्र दस्यु (डकैत) समस्या से भी प्रभावित रहा है। ऐसे में बिजावर और श्री जटाशंकर धाम को रेल लाइन से जोड़ना क्षेत्र के कायाकल्प के लिए अत्यंत आवश्यक है।


श्री जटाशंकर धाम क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहाँ हर अमावस्या, प्रमुख पर्वों और त्योहारों पर मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। वर्तमान में सीधी रेल कनेक्टिविटी न होने से श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जटाशंकर धाम/बिजावर में रेलवे स्टेशन बनने से यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और सस्ता परिवहन विकल्प मिलेगा।


रेल सुविधा से क्षेत्र को होने वाले प्रमुख लाभ

विधायक राजेश शुक्ला 'बबलू' के अनुसार, बिजावर और जटाशंकर धाम के रेल नेटवर्क से जुड़ने पर क्षेत्र में निम्नलिखित बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे:


कृषि व व्यापार को बढ़ावा: क्षेत्रीय कृषि उपज, स्थानीय कुटीर व लघु उद्योगों के उत्पादों की पहुंच देश के बड़े बाजारों तक आसान हो सकेगी।


रोजगार के अवसर व पलायन पर रोक: व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन बनेंगे, जिससे युवाओं के पलायन पर लगाम लगेगी।


पर्यटन व राजस्व में वृद्धि: धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का विस्तार होने से यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और शासन के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।


विधायक ने सदन से सर्वसम्मति से इस संकल्प को पारित कर भारत सरकार को भेजने का आग्रह किया है, ताकि प्रस्तावित रेल मार्गों के सर्वेक्षण में बिजावर और जटाशंकर धाम को शामिल कर जल्द से जल्द स्वीकृति मिल सके।