झाबुआ। जिले के कोदली गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां 6 साल के मासूम उत्कर्ष नायक की फावड़े से हत्या कर दी गई, जबकि उसकी दादी रमिला बाई पर भी जानलेवा हमला किया गया। घटना 5 मई की दोपहर की है। पुलिस ने मामले में रिश्तेदार जितेंद्र और उसके चचेरे भाई चिराग को गिरफ्तार किया है। आरोपी जितेंद्र भोपाल में प्राइवेट कॉलेज से BHMS की पढ़ाई कर रहा है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी लूट के इरादे से घर पहुंचे थे। उस समय घर में उत्कर्ष और उसकी दादी मौजूद थे। दादी रमिला बाई आरोपियों के लिए चाय बनाने किचन में गईं, तभी दोनों उत्कर्ष को ऊपर कमरे में ले गए और फावड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी। आवाज सुनकर जब दादी ऊपर पहुंचीं तो आरोपियों ने उन पर भी ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल रमिला बाई को गुजरात के बड़ोदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 दिन इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिली। डॉक्टरों के अनुसार उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जा चुकी है।
वारदात के बाद आरोपी घर से सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। शुरुआत में घटना को करंट लगने का मामला बताया गया, लेकिन बच्चे के दादा कुशल सिंह को शव पर खून के निशान देखकर शक हुआ। उन्होंने अंतिम संस्कार रुकवाकर पुलिस को सूचना दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया।
घटना के 11 दिन बाद घायल दादी ने कागज पर लिखकर जितेंद्र और चिराग के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने भोपाल से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि जितेंद्र गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन में रह रहा था और नशे की लत के कारण पैसों की तंगी से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने लूट की साजिश रची।
परिवार का आरोप है कि आरोपी घटना के बाद कई दिनों तक घर आकर सांत्वना देते रहे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है और मामले की जांच जारी है।




