अहमदाबाद। गुजरात के आदिवासी क्षेत्र में स्थित व्यारा शुगर से जुड़े 850 से अधिक गन्ना किसानों को दीपावसी से पहले उनके बकाया भुगतान के रूप में 7.14 करोड़ रुपए मिलेंगे। राज्य सरकार ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि श्री उकाई प्रदेश शुगर इंडस्ट्री को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (जिसे आमतौर पर व्यारा शुगर के नाम से जाना जाता है) को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए यह राशि जारी करने का फैसला लिया गया है। यह राशि दिवाली से पहले सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
सहकारी चीनी मिल द्वारा समय पर भुगतान नहीं किए जाने के कारण किसानों को लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की निगरानी में राज्य सरकार ने हस्तक्षेप करने का फैसला किया।
वाघाणी ने कहा, "राज्य सरकार ने 850 से अधिक किसानों के बकाया गन्ना भुगतान के लिए करीब 7.14 करोड़ रुपए सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराने की व्यवस्था की है। यह राशि दिवाली से पहले किसानों को मिल जाएगी।"
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए आदिवासी विकास मंत्री नरेश पटेल, राज्य मंत्री जयराम गामित, पूर्व मंत्री गणपत वसावा और क्षेत्र के अन्य आदिवासी नेताओं ने लगातार प्रयास किए थे।
वाघाणी ने कहा कि बकाया भुगतान जारी होने से किसान परिवारों को त्योहार के दौरान अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी और वे बिना किसी वित्तीय चिंता के दिवाली मना सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उन्हें उनकी उपज का उचित भुगतान समय पर मिले।
यह घोषणा आदिवासी क्षेत्र के उन गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से सहकारी चीनी मिल से भुगतान का इंतजार कर रहे थे।













