नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जंतर मंतर के पास छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से पूरा विपक्ष इस मांग पर अड़ा है कि गृह मंत्री खुद सदन में आएं और जवाब दें।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय और अत्याचार हुआ। जिस तरह से उन पर लाठीचार्ज और फायरिंग की गई, वह गलत था।
उन्होंने कहा, "ऐसी चीजें इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए थीं। पैलेट गन, आंसू गैस, लाठी, इलेक्ट्रिक बैटन, कील वाली लाठी- सब कुछ छात्रों पर चलाया गया। छात्रों ने कोई बवाल नहीं किया था। क्या उन्होंने 20-50 सरकारी गाड़ियां तोड़ीं? क्या किसी नेता को रोका और सवाल पूछा? वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उन्हें हटाने के लिए जो तरीके अपनाए गए, वह बहुत गलत है।"
खड़गे ने मांग की कि गृह मंत्री खुद सदन में आकर सफाई दें। उन्होंने कहा, "इनको सदन में आकर जवाब देने में क्या मजबूरी है? इसके दो ही मतलब हो सकते हैं। एक तो ये सोच रहे हैं कि इस मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया जाए। दूसरा, ये डर गए हैं। मैं बस इतना पूछना चाहता हूं कि जो दुख आपने विद्यार्थियों को पहुंचाया है, जो उनके माता-पिता तक पहुंचा है, उसके लिए हम आपकी हाजिरी सदन में चाहते हैं।"
उन्होंने कहा, "वे सदन में नहीं आ रहे हैं, इसलिए सदन नहीं चल पा रहा है। सदन नहीं चलने की जिम्मेदारी केवल गृह मंत्री अमित शाह की है, संसद सदस्यों की नहीं। इसी वजह से आज हमने राज्यसभा में यह मुद्दा फिर से उठाया है।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री माफी मांगें और गृह मंत्री सदन में बयान दें। उन्होंने कहा, "चाहे झारखंड हो, पंजाब हो या दिल्ली हो, हम विद्यार्थियों के साथ हैं। उनकी समस्याओं को हल कराने के लिए हम लड़ते रहेंगे।"




