बोगोटा। भारत द्वारा भेजी गई मानवीय सहायता गुरुवार को बोगोटा पहुंच गई। इसे स्थानीय अधिकारियों को सौंप दिया गया।बोगोटा में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, "भारत सरकार द्वारा भेजी गई मानवीय सहायता की पहली खेप पहुंच गई और 10 अगस्त के भूकंप के बाद कोलंबिया की मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों को सौंप दी गई है। भारत कोलंबिया की जनता के साथ एकजुटता से खड़ा है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।"
पिछले हफ्ते भारत ने कोलंबिया के लिए राहत सामग्री की 20 मीट्रिक टन की पहली खेप भेजी थी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस कठिन समय में कोलंबिया की जनता के प्रति भारत की एकजुटता व्यक्त की थी।
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया था, "भूकंप के बाद चल रहे राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में सहयोग के लिए कोलंबिया को 20 मीट्रिक टन राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी गई है। इस सहायता में दवाएं और चिकित्सा उपकरण, अस्थायी आश्रय और स्वच्छता सामग्री के साथ-साथ आपदा के बाद आवश्यक अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। इस कठिन समय में भारत कोलंबिया की जनता के साथ एकजुटता से खड़ा है।"
यह सहायता वैश्विक प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पहली प्रतिक्रिया देने वाले देश के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करती है। कोलंबिया में 7.3 तीव्रता का भूकंप आने के बाद भारत ने यह सहायता भेजी थी।
कोलंबियाई राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने बुधवार को एक डिक्री पर हस्ताक्षर कर 10 अगस्त के भूकंप से प्रभावित देश के कुछ हिस्सों में 30 दिन का आर्थिक, सामाजिक और पारिस्थितिक आपातकाल घोषित किया।
बोगोटा में कैबिनेट की बैठक के बाद हस्ताक्षरित इस डिक्री में वैले डेल काउका, रिसाराल्डा और काल्डास सहित 15 प्रभावित विभाग शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि आपातकालीन उपायों का उद्देश्य न केवल क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण करना है, बल्कि व्यवसायों और स्कूलों व अस्पतालों सहित आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी बहाल करना है।
कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट के बुधवार शाम तक जारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप में 319 लोग मारे गए, 4,469 घायल हुए और 260 लोग लापता हैं। कुल 364 लोगों को बचाया गया।
एजेंसी ने कहा कि 15 विभाग की 476 म्युनिसिपैलिटी पर प्रभाव पड़ा और इस आपदा से करीब 272,830 लोग प्रभावित हुए हैं।




