उज्जैन। धार्मिक नगरी के दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। महिला से दुष्कर्म, उसे गर्भवती करने, मारपीट, जान से मारने की धमकी और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोपों के बाद महामंडलेश्वर आश्रम में ताला लगाकर फरार हो गया है।
पीड़िता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के गृहमंत्री, डीजीपी, आईजी और उज्जैन एसपी से सीधे लिखित शिकायत की थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर महाकाल थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। प्रकरण दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी आश्रम छोड़कर भूमिगत हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ज्ञानदास के मध्य प्रदेश छोड़कर पड़ोसी राज्यों में शरण लेने की पुख्ता जानकारी मिली है। राजस्थान के पाली और उसके आसपास स्थित आश्रमों व ठिकानों पर आरोपी की मौजूदगी की सूचना पर महाकाल पुलिस की टीम ने राजस्थान पहुंचकर कई संभावित स्थानों पर दबिश दी है। पुलिस टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और दो बार गर्भपात का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और कई डिजिटल दस्तावेज साक्ष्य के तौर पर सौंपे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दुष्कर्म के बाद वह गर्भवती हुई और उस पर दबाव बनाकर दो बार गर्भपात कराया गया।
पुलिस कर रही डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल
फरार होने से पहले ज्ञानदास ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग की साजिश का शिकार बताया था। आरोपी का दावा था कि महिला और उसके साथी उससे लाखों रुपयों की मांग कर रहे थे। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों, वायरल ऑडियो-वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच (फॉरेंसिक एनालिसिस) करा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।




