जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में फर्जी तरीके से 5% बोनस अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने प्रभावित अभ्यर्थियों की सभी रिट अपीलें खारिज करते हुए एकलपीठ के 6 मई के आदेश को यथावत रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि गलत जानकारी देकर हासिल किए गए बोनस अंकों को किसी भी सूरत में वैध नहीं माना जा सकता। इस फैसले से 13,089 पदों की चयन सूची दोबारा प्रभावित होगी।


फॉर्म में केवल 'हां' चुनकर ले लिए थे बोनस अंक

नियमों के अनुसार, केवल भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा धारकों को ही 5% बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान था। भर्ती में 14,964 अभ्यर्थियों ने फॉर्म में केवल 'हां' विकल्प चुनकर बोनस अंक हासिल कर लिए, जबकि RCI के आधिकारिक रिकॉर्ड में सिर्फ 5,271 अभ्यर्थी ही योग्य थे। लगभग 9,693 अभ्यर्थियों ने बिना दस्तावेज सत्यापन के गलत तरीके से यह लाभ उठाया। नरसिंहपुर की सोनम अगरैया व अन्य ने याचिका दायर कर इस धांधली को चुनौती दी थी, जिसमें अधिवक्ता आलोक वागरेचा और विशाल बघेल ने पैरवी की।


'गलती से हां चुना' का तर्क हाईकोर्ट ने नकारा

अपीलकर्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि फॉर्म भरते समय उनसे गलती से 'हां' का विकल्प दब गया था, इसलिए बोनस अंक काटकर उन्हें मूल प्राप्तांकों के आधार पर प्रक्रिया में रखा जाए। इस पर युगलपीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों को त्रुटि सुधार के तीन अवसर मिले थे। परिणाम घोषित होने के बाद गलती की दुहाई देना धोखाधड़ी के जरिए लाभ लेने जैसा है। यदि इस स्तर पर इन्हें राहत दी गई, तो सही जानकारी देने वाले पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट प्रभावित होगी।


दस्तावेजों की जांच के बाद बनेगी नई मेरिट सूची

  • हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब कर्मचारी चयन मंडल प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाएगा:
  • RCI प्रमाण-पत्रों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
  • निर्धारित योग्यता न रखने वाले अपात्र अभ्यर्थियों के आवेदन सीधे निरस्त किए जाएंगे।
  • अपात्रों से 5% बोनस अंक का लाभ वापस लिया जाएगा।
  • मंडल तीन महीने के भीतर संशोधित मेरिट सूची जारी कर नई नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करेगा।