मुंबई। हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे जारी किए। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 23.9 प्रतिशत घटकर 1,196 करोड़ रुपए रह गया है, जो कि पिछले वर्ष की समान तिमाही में 1,572 करोड़ रुपए था। कंपनी के मुनाफे में गिरावट की वजह इनपुट लागत में बढ़ोतरी को माना जा रहा है।
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में परिचालन से आय सालाना आधार पर 18.5 प्रतिशत बढ़कर 20,696 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि पिछले वर्ष की समान तिमाही में 17,460 करोड़ रुपए थी।
इस दौरान कंपनी का एबीआईटीडीए सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत कम होकर 1,974 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि एक साल पहले समान अवधि में 2,428 करोड़ रुपए था। समीक्षा अवधि में कंपनी का एबीआईटीडीए मार्जिन 13.9 प्रतिशत से घटकर 9.5 प्रतिशत हो गया है।
नतीजों पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा कि यह तिमाही एचएमआईएल के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है। इसमें रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई और कंपनी की शुरुआत के बाद पहली बार तिमाही राजस्व 20,000 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया।
गर्ग ने कहा, "हालांकि, कच्चे माल की ऊंची लागत का असर तिमाही के मुनाफे पर पड़ा है। आगे देखते हुए, हमें उम्मीद है कि दूसरी छमाही में हमारी रफ्तार और तेज होगी।"
उन्होंने बताया, "बायोन का लॉन्च हमारे 'गोल्डन प्रोडक्ट साइकिल' की शुरुआत है। हम वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही में मास मार्केट के लिए एक खास ईवी लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। भले ही व्यापक आर्थिक अनिश्चितताएं और लागत का दबाव बना हुआ है, लेकिन हमारा पूरा ध्यान प्रमुख सेगमेंट में अपनी लीडरशिप को मजबूत करने, टिकाऊ विकास हासिल करने और मुनाफा कमाने पर है।"
ऑटो कंपनी ने बताया कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, निर्यात में सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 38 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।
















