जयपुर। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' कमजोर होकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर एक 'डिप्रेशन' (निम्न दबाव का क्षेत्र) में बदल गया है और अगले 24 घंटों में इसके और कमजोर होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, एक नए 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण पंजाब और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना है, जिसका असर राजस्थान के कुछ हिस्सों के मौसम पर भी पड़ रहा है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राजस्थान के कई जिलों में गुरुवार को आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है। जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है।

अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे कई इलाकों में चल रही गर्मी से राहत मिलेगी।

जयपुर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, 29 अक्टूबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। साथ ही, आंधी-तूफान, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, और कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। अधिकतम तापमान में होने वाली इस गिरावट से प्रभावित क्षेत्रों के मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है।

शुक्रवार, 30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।

पश्चिमी राजस्थान में, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में गुरुवार और शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

हालांकि, ज्यादातर सीमावर्ती इलाकों के मुख्य रूप से सूखे रहने की उम्मीद है। आईएमडी ने 31 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है। 1 नवंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने की संभावना है।