खंडवा। शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची पर नकेल कसने के लिए श्री तिरोले कुनबी पटेल समाज ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। समाज की ओंकारेश्वर में आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय/जिले की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि समाज के किसी भी परिवार में विवाह के दौरान DJ बजाया गया, तो वर और वधु दोनों पक्षों पर 21-21 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यह राशि समाज के संगठन कोष में जमा होगी।
प्री-वेडिंग शूट, रिंग सेरेमनी और फिजूलखर्ची पर पूर्ण प्रतिबंध
समाज को अनुशासित और सादगीपूर्ण बनाने के उद्देश्य से कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए: विवाह से पहले होने वाले प्री-वेडिंग फोटोशूट और खर्चीली रिंग सेरेमनी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। सगाई, गोद भराई (पावना-पावनी) जैसे आयोजनों में केवल करीबी रिश्तेदारों को ही आमंत्रित किया जाएगा, ताकि मंच, भोजन और सजावट के अनावश्यक खर्च से बचा जा सके। समाज में वर्ष भर बार-बार चंदा या धन संग्रह करने के बजाय अब साल में केवल एक बार ही व्यवस्थित रूप से धन संग्रह किया जाएगा।
अंतिम यात्रा की परंपरा में बदलाव
फिजूलखर्ची रोकने के साथ-साथ समाज ने पारंपरिक कुरीतियों में भी सुधार किया है। अब मृत्यु के उपरांत अंतिम यात्रा में कपड़े ले जाने की पुरानी परंपरा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर केवल घी, कपूर और अगरबत्ती ले जाने की व्यवस्था लागू की गई है।
युवाओं के विकास और रोजगार पर जोर
ओंकारेश्वर बैठक में समाज के सर्वांगीण विकास के लिए भी योजनाएं तैयार की गईं:
- सितंबर माह से सेक्टर स्तर पर युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- बालिका शिक्षा, महिला सम्मेलन और किसानों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
- समाज के शिक्षित व योग्य युवाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
24 घंटे में 10 परिवारों ने निरस्त की DJ बुकिंग
फैसले की घोषणा के मात्र 24 घंटे के भीतर समाजजनों में इसका सकारात्मक असर देखने को मिला। ग्राम कोहदड़ सहित विभिन्न गांवों के 10 परिवारों (जिनमें आकाश पटेल, माखन पटेल, विनय पटेल, राजकुमार पटेल आदि शामिल हैं) ने अपनी शादियों के लिए पहले से बुक किए गए DJ और प्री-वेडिंग शूट के ऑर्डर कैंसिल करा दिए।
सामाजिक पृष्ठभूमि: जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ पटेल के अनुसार, खंडवा जिले के 106 गांवों में श्री तिरोले कुनबी पटेल समाज के करीब 15 हजार परिवार रहते हैं, जिनकी कुल आबादी लगभग 80 हजार है। समाज का मानना है कि इन कड़े व सुधारात्मक फैसलों से आम परिवारों को कर्ज और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा।




