सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के तराई इलाकों और सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ गया है। सोमवार सुबह तक चित्रकूट स्थित प्रसिद्ध रामघाट की सभी सीढ़ियां जलमग्न हो गईं। नदी का पानी तट पर स्थित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में प्रवेश करने लगा है, जिसके बाद दुकानदारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है।


रामघाट खाली करने की अपील, एसडीआरएफ तैनात

जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन ने संयुक्त रूप से अलर्ट जारी किया है: प्रशासन ने रामघाट किनारे की सभी दुकानों को खाली करवाकर व्यापारियों व नागरिकों से सुरक्षित स्थलों पर जाने की अपील की है। घाट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं व आम लोगों को उफनती नदी के पास जाने से रोक दिया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रामघाट पर राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। दोनों राज्यों का प्रशासनिक अमला स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।


सतना जिले में लगी सावन की झड़ी, मौसम विभाग का अलर्ट

चित्रकूट के साथ-साथ सतना जिला मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सोमवार सुबह से ही रुक-रुक कर तेज व रिमझिम बारिश का दौर जारी है। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सावन मास के बीते 16 दिनों में सतना जिले में करीब 4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं (30 से 40 किमी/घंटा) और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण सतना समेत पूरे रीवा संभाग में आगामी दो-तीन दिनों तक अच्छी मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।