छतरपुर, विनोद मिश्रा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यकर्ता पुष्पेंद्र सिंह की आत्महत्या के मामले को लेकर सर्व हिंदू समाज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि नाबालिग से जुड़े मामले में पीड़ित परिवार की ओर से लगातार आवेदन देने के बावजूद समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।


सर्व हिंदू समाज के अनुसार, पिपट थाना क्षेत्र के ग्राम रगौली निवासी नाबालिग पीड़िता के पिता घनश्याम राजपूत, चाचा दीनदयाल और परिवार के शुभचिंतक पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिस को कई आवेदन दिए थे। इनमें नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में गोविंद सोनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी शामिल थी।


संगठन का आरोप है कि पुलिस की कथित निष्क्रियता और दबाव के चलते पुष्पेंद्र सिंह मानसिक रूप से परेशान थे और अंततः उन्होंने आत्महत्या कर ली। मामले में पिपट थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह मरकाम और महिला थाना प्रभारी सुनीता बिंदुआ की भूमिका की विभागीय जांच की मांग की गई है।


17 अगस्त 2026 को सर्व हिंदू समाज ने पुलिस अधीक्षक छतरपुर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों व अन्य आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक भोपाल, पुलिस महानिरीक्षक सागर और अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक छतरपुर रेंज को भी भेजी गई है।


संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों के आवेदनों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो सर्व हिंदू समाज आंदोलन करेगा। हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।