इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में उजागर हुए हाई-प्रोफाइल ड्रग्स रैकेट मामले में पुलिस ने अपनी तफ्तीश बेहद तेज कर दी है। इस पूरे मामले में राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब कड़ियों से कड़ियां जुड़ते हुए इसके तार मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के परिवार से जुड़ गए। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी और सेवन के संदेह में जीतू पटवारी के भाई नाना उर्फ कुलभूषण पटवारी और उनके बेहद करीबी साथी मानव गंगवानी को थाने बुलाकर करीब तीन घंटे तक आमने-सामने बैठाकर कड़ी पूछताछ की और उनके विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। पुलिस अब इस ड्रग्स नेटवर्क के पीछे छिपे बड़े ऑनलाइन सट्टे के कनेक्शन को भी खंगाल रही है।
दो युवतियों के विरोधाभासी बयान
पूछताछ की कमान संभाल रहे डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के निर्देशन में पुलिस टीम ने नाना पटवारी और मानव गंगवानी से उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों, संदेहास्पद संपर्कों और ड्रग्स सप्लाई चेन में उनकी कथित भूमिका को लेकर एक के बाद एक कई तीखे सवाल किए। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल मामले में उस समय एक नया और दिलचस्प मोड़ आ गया जब इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी दो युवतियों के बिल्कुल विरोधाभासी बयान सामने आ गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में संदिग्ध पहली युवती ने पुलिस पूछताछ के दौरान नाना पटवारी पर सीधे आरोप लगाए हैं। उसने अपने बयानों में स्वीकार किया है कि वह नाना पटवारी के साथ कुछ चिन्हित फ्लैटों पर आती-जाती थी, जहां नाना द्वारा ड्रग्स और अत्यधिक शराब का सेवन किया जाता था। इस बयान के ठीक उलट, एक अन्य युवती ने सीधे मीडिया के कैमरों के सामने आकर पहली युवती के आरोपों को मनगढ़ंत और पूरी तरह से झूठा करार दिया। उसने दावा किया कि वह नाना पटवारी को लंबे समय से जानती है और उसने उन्हें कभी भी किसी भी तरह का नशा, शराब या ड्रग्स का सेवन करते हुए नहीं देखा है।
बड़ोदरा से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार और सटोरिए भूमिगत
तकनीकी जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस की साइबर सेल टीम ने नाना पटवारी, मानव गंगवानी और गिरफ्तार तस्करों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, व्हाट्सएप चैट, डिजिटल लेनदेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगालना शुरू कर दिया है। इसी डिजिटल कस्टडी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इंदौर पुलिस की एक विशेष टीम ने गुजरात के बड़ोदरा में दबिश देकर ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क के मुख्य सरगना आरिफ उर्फ भूरू बैंड को धर दबोचा है। पुलिस का दावा है कि इंदौर में पकड़े गए इरफान ने इसी भूरू बैंड से ब्राउन शुगर की यह बड़ी खेप मंगवाई थी। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई और कॉल डिटेल्स की जांच के बाद इंदौर शहर के आपराधिक नेटवर्क में खलबली मच गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस ड्रग्स रैकेट का सीधा संबंध करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टे और क्रिकेट बुकी नेटवर्क से होने के पुख्ता इनपुट मिले हैं। पुलिस की भनक लगते ही शहर के कई नामी बुकी और सटोरिए रातों-रात अपने ठिकाने बदलकर भूमिगत हो गए हैं, जिनकी तलाश में साइबर टीम लगातार उनके मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर रही है।
9 जुलाई की गिरफ्तारी से खुला पूरा राज
इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ 9 जुलाई को हुआ था, जब इंदौर पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर रेती मंडी स्थित डीमार्ट के पीछे घेराबंदी की थी। पुलिस ने मौके से इरफान खान उर्फ गोलू चंदौरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी भाई को दबोचा था। तलाशी लेने पर उनके पास से 10.8 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अवैध ब्राउन शुगर बरामद की गई थी। जब पुलिस ने इन दोनों तस्करों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने कबूल किया कि वे लंबे समय से ड्रग्स की डीलिंग कर रहे हैं और बरामद की गई यह विशेष खेप वे सीधे नाना पटवारी और मानव गंगवानी को ही सप्लाई करने जा रहे थे। इसी सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष के भाई को नोटिस तामील कर पूछताछ के लिए तलब किया था, और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


