नई दिल्ली। कांग्रेस नेता अलका लांबा ने व्यापारियों की ओर से इंडिया ब्लॉक की रैली को दीपवाली के बाद तक टालने की अपील पर कहा कि एक नवंबर को दिल्ली में रैली होकर रहेगी। उन्होंने दावा किया कि देशभर से दस लाख लोग दिल्ली पहुंचेंगे। लांबा ने रैली के मुद्दों में कथित वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुख बताया। इसके अलावा, उन्होंने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भाजपा की आलोचना और दिल्ली में 17 वर्षीय छात्रा की मौत पर भी अपनी बात रखी।
अलका लांबा ने व्यापारियों की रैली टालने की अपील पर कहा कि भाजपा से जुड़े लोग पहले जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में रैली रोकने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब रैली रोकने की कोशिशें सफल नहीं हुईं तो अब भाजपा से जुड़े व्यापार संघों के लोगों को आगे किया जा रहा है। त्योहारों के दौरान कई मजदूर अपने घर चले जाते हैं, लेकिन एक नवंबर को देशभर से लोगों को दिल्ली आने का आह्वान किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के आने से होटल, खानपान और बाजारों में कारोबार बढ़ सकता है। लोग सदर बाजार, चांदनी चौक और दूसरे बाजारों में खरीदारी करने भी जाएंगे।
लांबा ने कहा कि व्यापारियों को वास्तविक नुकसान उस समय हुआ था, जब जंतर-मंतर पर आंदोलन रोकने के लिए दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया था। उस दौरान 50 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, रेल सेवाएं रोकी गईं और इंटरनेट बंद किया गया। इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन बिलिंग और कारोबार प्रभावित हुआ था, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस नेता ने व्यापारियों से रैली को लेकर चिंता नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि एक नवंबर को उनके कारोबार की भरपाई होगी। उन्होंने दोहराया कि रैली निर्धारित तारीख पर ही होगी।
अलका लांबा ने कहा कि रैली का उद्देश्य कथित वोट चोरी और एसआईआर के मुद्दे पर आवाज उठाना है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। साथ ही कहा कि देश में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी उठ रही है। उन्होंने दावा किया कि देशभर से आने वाले प्रदर्शनकारियों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से काटे जाने का आरोप है। इन लोगों को भारतीय नागरिक और मतदाता होने के बावजूद घुसपैठिया बताकर वोट के अधिकार से वंचित किए जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इस्तीफे को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भाजपा की आलोचना पर लांबा ने कहा कि यह केवल एक नागरिक की भावना नहीं, बल्कि देश के कई लोगों की चिंता है। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नरीमन और पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई जा रही है। लांबा ने दावा किया कि रैली और उससे जुड़े मुद्दों को व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
दिल्ली में 17 वर्षीय छात्रा की मौत पर अलका लांबा ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छात्रा ने कथित तौर पर तीन पन्नों का नोट लिखा था और स्कूल के अंदर उसकी मौत हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल प्रशासन और संबंधित कर्मचारी उस समय कहां थे और ऐसी स्थिति बनने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। लांबा ने कहा कि स्कूल की प्रिंसिपल, स्टाफ और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि खबर मिलने के बाद महिला कांग्रेस की अध्यक्ष को वहां भेजा गया था और शाहदरा जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भी पीड़ित परिवार से मिलीं।















