मनीला। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को मनीला में न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "मनीला में आसियान बैठक के दौरान न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स के साथ उपयोगी बातचीत हुई। हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर अपने विचार साझा किए और समुद्री सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।"

इससे पहले दिन में जयशंकर ने थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के आपसी रिश्तों को और मजबूत बनाने पर बातचीत हुई।

जयशंकर ने 'एक्स' पर लिखा, "मनीला में आसियान बैठक के दौरान थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ के साथ अच्छी मुलाकात हुई। हमारी चर्चा दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रही। साथ ही म्यांमार के हालात पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।"

विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो दिन के फिलीपींस दौरे पर हैं। इस दौरान वह आसियान ढांचे के तहत होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें आसियान-भारत, ईस्ट एशिया समिट (ईएएस) और आसियान रीजनल फोरम (एआरएफ) की बैठकें शामिल हैं।

जयशंकर ने मनीला में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "बुधवार दोपहर कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ अच्छी चर्चा हुई। भारत और कनाडा के बीच सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारी बातचीत दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा तय किए गए रिश्तों के लक्ष्यों को पूरा करने पर केंद्रित रही।"

विदेश मंत्री ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर उनके विचारों और आकलन की सराहना की।

जयशंकर ने 'एक्स' पर लिखा, "बुधवार दोपहर मनीला में सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ लंच के दौरान अच्छी बातचीत हुई। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर उनके विचार हमेशा उपयोगी और जानकारी बढ़ाने वाले होते हैं।"

इसके अलावा जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गहरी चिंता दोहराई।

दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के विभिन्न पहलुओं, यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की।

जयशंकर ने 'एक्स' पर लिखा, "रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की विस्तार से समीक्षा हुई। मैंने क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गंभीर चिंता दोहराई। हमने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, संपर्क, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और लोगों की आवाजाही सहित साझेदारी के कई पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।"