जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को श्री माता वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन की समीक्षा की गई।
बैठक में एसएमवीडीएसबी के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज, बालेश्वर राय, डॉ. अशोक भान, सुधा मूर्ति, गुंजन राणा, डॉ. केके तलवार, कुलभूषण आहूजा, ललित भसीन, सुरेश कुमार शर्मा, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी, एसएमवीडीएसबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य, एसएमवीडीएसबी के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार मौर्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से और ऑनलाइन माध्यम से कटरा स्थित आध्यात्मिक विकास केंद्र में उपस्थित थे।
पवित्र तीर्थस्थल पर प्राप्त चढ़ावे और दान के प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए, बैठक के दौरान श्रद्धालुओं के चढ़ावे के संग्रह, गिनती, लेखांकन, सुरक्षा और उपयोग की व्यापक समीक्षा की गई।
एक प्रस्तुति में तीर्थस्थल बोर्ड द्वारा दान पेटियों, दान काउंटरों, ऑनलाइन प्लेटफार्मों और कीमती धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे के सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन के लिए स्थापित सुदृढ़ प्रणालियों और संस्थागत तंत्रों पर प्रकाश डाला गया।
उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में सत्यापन प्रक्रियाओं, निगरानी तंत्र, बैंकिंग सुरक्षा उपायों और आवधिक लेखापरीक्षाओं के बारे में जानकारी दी गई, जो प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को नियंत्रित करते हैं।
इसके अलावा, यह भी बताया गया कि चढ़ावे और दान से संबंधित सभी वित्तीय लेनदेन निर्धारित बैंकिंग मानदंडों, वैधानिक प्रावधानों और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुरूप ही किए जाते हैं।
बोर्ड ने बहुमूल्य धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावों के प्रबंधन और भंडारण के लिए अपनाए गए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और भारतीय रिजर्व बैंक और हैदराबाद स्थित भारतीय सरकारी टकसाल सहित प्रतिष्ठित सरकारी अनुमोदित संस्थानों के माध्यम से उनके सुरक्षित परिवहन, प्रसंस्करण और शोधन की भी सराहना की।
विस्तृत समीक्षा के बाद, बोर्ड ने मौजूदा व्यवस्थाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता पर संतोष व्यक्त किया।
बोर्ड ने भक्तों द्वारा दिए गए पवित्र चढ़ावों के प्रबंधन को उच्चतम स्तर की सत्यनिष्ठा, वित्तीय अनुशासन और जनविश्वास के साथ सुनिश्चित करने के लिए अपनाए गए व्यापक सुरक्षा उपायों और निगरानी तंत्रों की भी प्रशंसा की।




