छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। मां तुलजा भवानी जन कल्याण समिति के तत्वावधान में शिक्षक दिवस के अवसर पर गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मराठा समाज के सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ उन प्रेरणादायी मातृशक्तियों का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने शिक्षा, संस्कार और संघर्ष के जरिए अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने मातृशक्ति को परिवार की पहली गुरु बताते हुए कहा कि गुरु की भूमिका केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। मां बच्चे की पहली शिक्षिका होती है, जो उसे जीवन के शुरुआती दौर में संस्कार, अनुशासन, मर्यादा और शिक्षा का पाठ पढ़ाती है। गृहिणी के रूप में मां पूरे परिवार को सही दिशा देने के साथ अप्रत्यक्ष रूप से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे ने कहा कि मां तुलजा भवानी उनकी भी कुलदेवी हैं। उन्होंने मां तुलजा भवानी मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।


विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता जगेंद्र अलडक 'पिंटू मासाब' ने कहा कि सांसद विवेक 'बंटी' साहू द्वारा मराठा समाज को भवन निर्माण को लेकर किया गया वादा पूरा हो चुका है। जल्द ही मराठा समाज को अपना भव्य भवन मिलेगा, जो समाज की एकजुटता, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।


समारोह को पीजी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री शर्मा एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद विजय आनंद दुबे ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक और माता का त्याग समाज निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है।


कार्यक्रम का प्रभावी एवं ओजस्वी मंच संचालन सुनील बनारसे ने किया। अंत में मां तुलजा भवानी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण काटकर ने सभी अतिथियों, सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं, मातृशक्तियों और उपस्थित सामाजिक बंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।


समारोह ने यह संदेश दिया कि एक शिक्षित और संस्कारित मां केवल अपने परिवार का भविष्य नहीं संवारती, बल्कि आने वाली पूरी पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।