भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम उठा लिया है। रविवार को भोपाल में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में वर्ष 2026 के लिए यूसीसी (UCC) के आधिकारिक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने व्यापक अध्ययन, सघन जनसंवाद और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक पक्षों से लंबी चर्चा करने के बाद अपनी अंतिम अनुशंसाएं सरकार को सौंप दी थीं, जिसे कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। अब इस कानून के प्रारूप को यूसीसी विधेयक के रूप में आगामी सत्र में मध्य प्रदेश विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यूसीसी का मुख्य उद्देश्य जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करना है।
नवाबी इतिहास के साये से बाहर निकलेगा भोपाल
मंत्रिपरिषद की इस विशेष बैठक के स्थान और भोपाल के ऐतिहासिक महत्व पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल का वास्तविक इतिहास महान राजा भोज, परमार राजवंश और वीर गोंड शासकों की समृद्ध व गौरवशाली विरासत से गहराई से जुड़ा रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश एक लंबे कालखंड तक इस वास्तविक इतिहास को दबाने और धूमिल करने के सुनियोजित प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी भावी पीढ़ी को प्रदेश की राजधानी के इस वास्तविक और स्वर्णिम इतिहास से परिचित कराने के मुख्य उद्देश्य से ही आज विशेष रूप से भोपाल में इस महत्वपूर्ण मंत्रिपरिषद की बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने इस दौरान गोंड साम्राज्य की अंतिम हिंदू शासिका रानी कमलापति के अदम्य साहस, बलिदान और भोपाल के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित किया।
मुस्लिम महिलाओं से मिला 80% से अधिक समर्थन: सीएम
यूसीसी पर हुए जनसंवाद के आंकड़ों को सार्वजनिक करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कानून को लेकर राज्य स्तर पर सभी प्रमुख राजनैतिक दलों को खुले दिल से चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी दलों ने इस विमर्श में सकारात्मक रूप से भाग लिया। मुख्यमंत्री ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि व्यापक जनजागरूकता अभियानों के दौरान यूसीसी को समाज के सभी वर्गों का साथ मिला है, जिसमें विशेष रूप से 80 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम महिलाओं और लगभग 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों का सीधा व खुला समर्थन प्राप्त हुआ है। सरकार ने इस कानून के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में तीन करोड़ से अधिक जागरूकता एसएमएस (SMS) भेजे और विभिन्न संचार माध्यमों से जनता तक इसके प्रावधानों की सही जानकारी पहुंचाई।




