भोपाल। मध्य प्रदेश में चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान नागरिकों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिनों के भीतर प्रदेश में मानसून का नया तंत्र सक्रिय होने जा रहा है, जिससे खास तौर पर पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने रविवार को प्रदेश के 28 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है।
इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों की बात करें तो प्रदेश में एक निम्न दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ पहले से ही सक्रिय है। इसके साथ ही, 20 से 22 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में एक और नया कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की प्रबल संभावना है। इस नए सिस्टम के असर से जुलाई के अंतिम सप्ताह में पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश का दौर देखने को मिलेगा, जिससे आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
रविवार को तापमान की स्थिति और क्षेत्रीय मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इससे पहले बीते शनिवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा, जैसीनगर, बंडा, रहली, देवरी, केसली और शाहगढ़ जैसे इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की गईं। शनिवार को ग्वालियर जिला 38.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पर्यटन स्थल पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया।
रविवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी और सिंगरौली जिलों में मध्यम बारिश होने के आसार हैं। वहीं दूसरी ओर, रायसेन, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, पन्ना, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
1 जून से अब तक के बारिश के आंकड़े और सूखे का संकट
चालू मानसूनी सीजन में 1 जून से 18 जुलाई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस समयावधि में प्रदेश में औसतन 9.7 इंच (247.4 मिमी) बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि इस समय तक की सामान्य बारिश का आंकड़ा 11.4 इंच (281.3 मिमी) माना जाता है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 26 प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 2 प्रतिशत कम पानी गिरा है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।
जिलेवार स्थिति को देखें तो अब तक देवास जिले में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत ज्यादा यानी कुल 18 इंच पानी गिर चुका है। इसके विपरीत, आलीराजपुर जिले में स्थिति सबसे खराब है, जहां अब तक केवल सवा दो इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत कम है। संभागवार स्थिति पर गौर करें तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभागों में वर्षा की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 35 जिले अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं और सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे हैं।




