छतरपुर/महाराजपुर, जाहिद खान। छतरपुर जिले की महाराजपुर तहसील अंतर्गत ग्राम मलका और उदर्मऊ में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के दिनों में गौशालाओं में गायों की उचित देखरेख और रखरखाव नहीं होने से बड़ी संख्या में मवेशी बीमार हो रहे हैं और उनकी मौत हो रही है।


ग्रामीणों के अनुसार, मलका गौशाला में पिछले एक माह के दौरान करीब आधा सैकड़ा गायों की मौत हो चुकी है। गौशाला में पशुओं की देखरेख करने वाले कर्मचारियों ने भी व्यवस्थाओं की कमी की बात स्वीकार की है। उनका कहना है कि ठेकेदार की ओर से गायों के लिए पर्याप्त भूसा-चारा और खाने-पीने की व्यवस्था नहीं की जा रही है। बीमार पशुओं के इलाज के लिए न तो नियमित रूप से पशु चिकित्सक उपलब्ध हैं और न ही पर्याप्त दवाएं मिल पा रही हैं।


मृत गायों के अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था नहीं

गौशाला की बदहाल व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृत गायों को वहां से हटाने और उनके अंतिम संस्कार तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में मृत मवेशियों को गौशाला के आसपास ही फेंकना पड़ रहा है, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।


शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने गौशाला में पशुओं की स्थिति की जांच कराकर जिम्मेदार संचालक और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि ने भी शासन-प्रशासन से मलका और उदर्मऊ की गौशालाओं की जांच कराने, पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।


ग्रामीणों का कहना है कि गौशालाओं में मूक पशुओं की लगातार हो रही दुर्दशा को देखते हुए प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना चाहिए, ताकि पशुओं की जान बचाई जा सके।