उज्जैन। सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत कंठाल से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद उज्जैन पुलिस ने अब दंगाइयों के डिजिटल नेटवर्क पर सीधा प्रहार किया है।

भड़काऊ पोस्ट, वीडियो और नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम व फेसबुक अकाउंट और पेजों को पुलिस ने ब्लॉक करवा दिया है। 28 सितंबर को हुए हिंसक पथराव के मामले में पुलिस अब तक 8 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर 34 लोगों को नामजद कर चुकी है, जिनमें से 24 आरोपियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की तकनीकी पड़ताल कर रही है, ताकि यह उजागर हो सके कि उपद्रव भड़काने के पीछे किन संगठनों का हाथ था और हिंसा से पहले व बाद में किन लोगों से संपर्क साधा गया था।


मीनार की गुंबद हटाई गई, 40 श्रमिक दो शिफ्टों में कर रहे काम

बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम तेज कर दिया गया। मंगलवार को मीनार पर मचान बांधने के बाद बुधवार को मीनार के ऊपरी गुंबद वाले हिस्से को सफलतापूर्वक हटा लिया गया। इसके तुरंत बाद मीनार और सड़क सीमा में आ रहे अन्य हिस्सों को तोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मौके पर मुस्लिम समाज के करीब 40 श्रमिक दो अलग-अलग शिफ्टों में काम कर रहे हैं। अब तक निर्धारित हिस्से का लगभग 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। तकनीकी जटिलता और संकरे इलाके को देखते हुए शेष हिस्से को हटाने में अभी कम से कम चार दिन का समय और लगेगा।


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संगठनों से जुड़े तारों की जांच, अन्य मामलों की जमानतें भी होंगी निरस्त

उज्जैन पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि पकड़े गए आरोपी किन-किन कट्टरपंथी या राजनीतिक संगठनों से जुड़े हुए हैं। एसपी के अनुसार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड आसपास के अन्य जिलों से भी मंगाए जा रहे हैं। यदि किसी आरोपी का नाम पहले से किसी आपराधिक मामले में दर्ज है और वह जमानत पर बाहर था, तो अदालत में अर्जी लगाकर उसकी जमानत निरस्त कराई जाएगी।सोशल मीडिया पर लगातार सर्चिंग की जा रही है और साइबर सेल की निगरानी में नए संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ भी मुकदमे जोड़े जा रहे हैं।


छावनी बना 500 मीटर का इलाका: 8 ड्रोन, 100 CCTV और 2500 जवान तैनात

शाही मस्जिद और आसपास के 500 मीटर के संवेदनशील दायरे को पूरी तरह सुरक्षा चक्रव्यूह में तब्दील कर दिया गया है। पूरे इलाके में 8 ड्रोन कैमरों से आसमान से निगरानी की जा रही है, जबकि 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा में 2500 से अधिक जवान मुस्तैद हैं। इनमें आरएएफ (RAF) और एसटीएफ (STF) की 3 कंपनियां और 850 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। उज्जैन सहित रतलाम, नीमच, इंदौर, देवास और शाजापुर से बुलाए गए 5 एएसपी (ASP), 21 डीएसपी (DSP) और 32 टीआई (TI) लगातार मोर्चे पर डटे हुए हैं। छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल मार्ग, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान और सत्ती गेट से लेकर कंठाल तक सघन बैरिकेडिंग की गई है। बाहर से बुलाए गए सुरक्षाबलों और अधिकारियों के ठहरने के लिए शहर की विभिन्न धर्मशालाओं में व्यवस्था की गई है, जहां दो शिफ्टों में ड्यूटी के साथ जवानों के भोजन और सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।