नई दिल्ली। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए सरकारी पोर्टल एनसीएस (नेशनल करियर सर्विस) बड़ा सहारा बना है। श्रम मंत्रालय के मुताबिक अब तक 6.64 करोड़ से ज्यादा नौकरी चाहने वाले इस पोर्टल पर रजिस्टर कर चुके हैं। इनमें से 2.89 करोड़ लोग अभी भी एक्टिव हैं। बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि एनसीएस अब सिर्फ जॉब सर्च का प्लेटफॉर्म नहीं रहा। यह एक डिजिटल हब बन गया है जहां नौकरी, करियर सलाह, स्किल ट्रेनिंग और सरकारी-निजी दोनों तरह की नौकरियों की जानकारी एक ही जगह मिलती है।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार पोर्टल शुरू होने के बाद से अब तक 10.05 करोड़ से ज्यादा नौकरियों की जानकारी यहां जोड़ी गई है। 15 जुलाई तक 17.68 लाख वैकेंसी अभी भी एक्टिव हैं।
मंत्रालय ने बताया कि एनसीएस को अब क्लाउड बेस्ड और ओपन सिस्टम में बदला गया है। इसमें लगातार नए फीचर जोड़े जा रहे हैं।
अब एआई की मदद से आपकी प्रोफाइल के हिसाब से नौकरी मिलती है। स्किल में क्या कमी है यह भी पता चलता है। पर्सनल जॉब सुझाव, एआई इंटरव्यू कोच और कई भाषाओं में सुविधा के लिए भाषिणी का सपोर्ट भी दिया गया है। नियोक्ताओं और नौकरी चाहने वालों के लिए क्लाउड ऐप और वेरिफिकेशन सिस्टम भी बेहतर किया गया है।
रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने 40 से ज्यादा कंपनियों और प्लेटफॉर्म से हाथ मिलाया है। इसमें एपीएनए, स्विगी, रैपिडो, जोमैटो, अमेजन, टीसीएस आईओएन, क्विकर और फाउंडइट जैसे नाम शामिल हैं। इससे युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में भी सीधे मौके मिल रहे हैं।
एनसीएस को उद्यम, ई-श्रम, स्किल इंडिया डिजिटल हब, ईपीएफओ, ईएसआईसी, डिजीलॉकर जैसे सरकारी पोर्टल से भी जोड़ा गया है। यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड और एएसआरबी जैसी भर्ती एजेंसियों की जानकारी भी यहां मिल जाती है।
जमीनी स्तर पर रोजगार सेवाएं मजबूत करने के लिए सरकार ने 407 मॉडल करियर सेंटर मंजूर किए हैं। इनमें 370 रोजगार कार्यालय शामिल हैं जिन्हें अपग्रेड करियर काउंसलिंग, जॉब फेयर और कंपनी से जुड़ाव की सुविधा दी जा रही है।
अभी 31 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश एनसीएस से जुड़ चुके हैं। इनमें 8 राज्य सीधे इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।




