जयपुर। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की राजस्थान के लिए वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही की राज्य-स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) बैठक में शनिवार को खुफिया जानकारी साझा करने, वित्तीय जांच और समन्वित प्रवर्तन को मजबूत करने पर चर्चा की गई।एक अधिकारी ने बयान में बताया कि एनसीबी (पश्चिमी क्षेत्र) के डीडीजी और राजस्थान के आईजी एएनटीएफ की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एनआईए, ईडी, डीआरआई, सीबीएन, कस्टम्स, आयकर विभाग, आईबी, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, ड्रग कंट्रोलर कार्यालय, राज्य एएनटीएफ और अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

बयान में कहा गया, "बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करने, एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) से जुड़े अहम मामलों की समीक्षा करने, ड्रग तस्करी नेटवर्क, अवैध प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ करने, बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती, बार-बार अपराध करने वालों को मिली जमानत की निगरानी करने, अफीम और पोस्ता भूसे के अवैध डायवर्जन को रोकने और नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति पर चर्चा की गई।"

बयान के अनुसार, संयुक्त पूछताछ और खुफिया जानकारी साझा करके ड्रग तस्करी करने वाले गिरोहों को खत्म करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही, 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-29)' के तहत तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रवर्तन उपायों में तेजी लाने की बात कही गई।

अधिकारी ने बताया कि इससे पहले अगस्त में पड़ोसी पश्चिमी राज्य गुजरात के लिए 2026 की दूसरी तिमाही की राज्य-स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक आयोजित की गई थी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अगस्त में हुई इस बैठक की अध्यक्षता एनसीबी के उप महानिदेशक (पश्चिमी क्षेत्र) मनीष कुमार ने की, जबकि खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अतिरिक्त निदेशक राजीव अहीर ने सह-अध्यक्षता की।

बयान में कहा गया कि चर्चा के दौरान, विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने अंतर-राज्यीय और अंतर-एजेंसी संबंधों पर आगे की कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर बात की। बैठक में शामिल सभी एजेंसियों ने गुजरात में ड्रग तस्करी और संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

एनसीबी ने एनडीपीएस से जुड़े दो अहम मामले पेश किए, जिनमें काम करने के तरीके, अंतर-राज्यीय संबंधों, अब तक की गई जांच और उन क्षेत्रों पर चर्चा हुई, जहां एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई की जरूरत है। वहीं, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने भी एनडीपीएस से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला रखा, जिस पर जांच, तस्करी के पैटर्न और विभिन्न एजेंसियों के बीच संबंधों को लेकर चर्चा की गई।

बयान के मुताबिक, बैठक में राज्य एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), डीआरआई, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), कस्टम्स, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी), केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और राज्य ड्रग कंट्रोलर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

बयान में कहा गया है कि नशीले पदार्थों के नियंत्रण (नारकोटिक्स कंट्रोल) से जुड़े विजन डॉक्यूमेंट, पिछली संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) बैठक की 'एक्शन टेकन रिपोर्ट', एनडीपीएस से जुड़े अहम मामलों और अंतर-राज्यीय संबंधों जैसे मुख्य मुद्दों पर चर्चा की गई।