नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर बुधवार को जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे पहले ऐसे नेता विपक्ष हैं, जो सिर्फ झूठ और भ्रम फैलाते हैं। एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि अब तो तस्वीर साफ हो रही है कि कैसे राहुल गांधी देश में गृहयुद्ध करवाना चाहते हैं। लेकिन, पीएम मोदी के नेतृत्व में उनके इरादे कभी पूरे नहीं होंगे।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की ओर से एसआईआर पर उठाए गए सवालों, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से हाल में हुई मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर भ्रम फैलाने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वे गलत जानकारी फैलाते हैं। उन्हें राष्ट्रपति से मिले और एसआईआर तथा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सबूत होने का दावा किए 600 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। उन्होंने अभी तक कोई सबूत पेश नहीं किया है। उन्होंने न तो सुप्रीम कोर्ट के सामने और न ही चुनाव आयोग के सामने कोई सबूत दिया है। उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। वे एक धोखेबाज हैं।
पीएम मोदी को राहुल गांधी की ओर से बहस की चुनौती दिए जाने पर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने झूठ फैलाने के अलावा कुछ नहीं किया है। अगर उन्हें एसआईआर पर बहस करना है तो संसद में आएं, वहां से भागें नहीं। अगर आप बहस करना चाहते हैं, तो रुकें और सुनें। राहुल गांधी इस देश के लोगों को मूर्ख समझते हैं। देश की जनता ने चुनाव में पीएम मोदी को प्रधानमंत्री चुना है। राहुल गांधी तो बाद में विपक्ष के नेता बने, जब 99 की संख्या में एक और जुड़कर 100 हो गई। संसद बहस के लिए ही बनी है। वहां बहस करने से भागते क्यों हैं?
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि बहस करने के लिए राहुल गांधी ही तारीख तय करें, हम एक विशेष सत्र बुला लेंगे। अगर आपमें हिम्मत है, तो आइए और बहस कीजिए। वह दूसरों को जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं और खुद बेल पर हैं। उनकी मां और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, भारतीय नागरिकता लिए बिना 12 साल तक एक विदेशी नागरिक के तौर पर इस देश में रहीं।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उपदेश देने की जरूरत नहीं है, संसद के अंदर बहस कीजिए। तारीख आप तय करें।
उन्होंने असम मंत्रिमंडल के बहुविवाह में शामिल पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने के फैसले पर कहा कि अब समय आ गया है कि हर राज्य को ऐसा करना चाहिए। मैं बिहार का रहने वाला हूं, मेरे संसदीय क्षेत्र में हो रहा है, सबूत के साथ मैं कह रहा हूं। वहां चर्च बन गए हैं, जहां चर्च का नामो-निशान नहीं था, तो क्रिश्चियन विस्तारवादी, मुसलमान कट्टरवादी सोच की ओर जा रहे हैं। वे कट्टरवादी सोच और विस्तारवादी नीति में भारत को फंसाना चाहते हैं। यह देश को समझना होगा।
उन्होंने कृषि भवन परिसर में एक मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद और असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कहा कि मजार क्या है? यह एक कब्रिस्तान है। मुझे बताया गया है कि कृषि भवन के अंदर यह मजार कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में गलत तरीके से बनाई गई थी। वहां कोई शव भी दफनाया नहीं गया है। ओवैसी के दिल में जिन्ना की आत्मा बसती है। वे देश को बांटना चाहते हैं, लेकिन यह देश कभी नहीं बंटेगा। यह देश टूटने वाला नहीं है।














