छत्तीसगढ़। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंचीं है। राष्ट्रपति ने दौरे पर पहले दिन राजधानी रायपुर के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में माता हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। इस दौरान, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहे। शदाणी दरबार रायपुर की 5वीं पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा यह 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा जारी इस विशेष सिक्के पर पूज्य माता हासी देवी जी की छवि अंकित है। सिक्के के एक ओर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष और 200 रुपये का मूल्यवर्ग दर्शाया गया है। इस स्मारक सिक्के के माध्यम से उनके जीवन, विचारों और आध्यात्मिक योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इस विशेष सिक्के का वजन 35 ग्राम है, जिसे कोलकाता टकसाल में तैयार किया गया है। इस सिक्के की धातु संरचना में शुद्धता और मजबूती का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, पांच प्रतिशत निकल और पांच प्रतिशत जस्ता शामिल है।
सिक्के का अनावरण होने के बाद श्रद्धालु और सिक्का संग्राहक इसे शदाणी दरबार की अलग-अलग इकाइयों के माध्यम से बुक कर सकेंगे। सिंधी विभूति के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी होना समाज के लिए ऐतिहासिक मौका है। यह देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों सिंधी लोगों के लिए गर्व का विषय है।
माता साहिब हासी देवी का जन्म वर्ष 1826 में अविभाजित भारत के सिंध प्रांत स्थित खानपुर महार में हुआ था। मात्र 26 वर्ष की अल्प आयु में उन्होंने शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश्वर के रूप में गुरु गद्दी संभाली। 57 वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ इस आध्यात्मिक दायित्व का निर्वहन किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने समाज में शिक्षा, भजन, संस्कृति और जरूरतमंदों की सेवा को नई दिशा दी। माता हासी देवी ने विशेष रूप से हिंदी, संस्कृत और संगीत की शिक्षा को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा, विधवाओं, अनाथों, गरीबों और निराश्रितों की सहायता के लिए उनके द्वार हमेशा खुले रहे। मानव सेवा को ही अपना सबसे बड़ा धर्म मानने वाली इन महान संत का 30 अप्रैल 1909 को देवलोकगमन हुआ था।

















