भोपाल। अब तक आपने केवल 'लुटेरी दुल्हनों' की कहानियां सुनी होंगी, लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की पुलिस इन दिनों एक ऐसे शातिर 'लुटेरे दूल्हे' की तलाश कर रही है जिसने ठगी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस आरोपी का नाम धून प्रेमल ठक्कर है। उसने भारत समेत तीन अलग-अलग देशों की लगभग 10 महिलाओं को शादी और प्रेम के झूठे जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन और ऑफलाइन ठगी को अंजाम दिया है। इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिलाएं एक अमेरिकी पत्रकार की मदद से आपस में संपर्क में आईं और आरोपी के खिलाफ एकजुट होकर सबूत जुटाने लगीं। इस शातिर ठग का निशाना मुख्यतः 40 वर्ष से अधिक उम्र की समृद्ध और आत्मनिर्भर महिलाएं होती थीं। उसकी ठगी का शिकार बनी महिलाओं में प्रथम श्रेणी (क्लास वन) अधिकारी, प्रतिष्ठित एडवोकेट, डॉक्टर और शिक्षिकाएं तक शामिल हैं। आरोपी धून प्रेमल ठक्कर मूल रूप से अहमदाबाद, गुजरात का रहने वाला है और वह केवल 12वीं पास है। हालांकि, अलग-अलग सरकारी और फर्जी दस्तावेजों में उसने अपनी उम्र को बेहद चालाकी से छुपाया है, जिसके कारण दस्तावेजों में उसकी उम्र कभी 32, कभी 34 तो कभी 52 साल दर्ज मिलती है।
फर्जी रसूख और सोशल मीडिया के जरिए बिछाया जाता था जाल
आरोपी धून प्रेमल ठक्कर महिलाओं को जाल में फंसाने के लिए बेहद हाईटेक और लक्जरी तौर-तरीके अपनाता था। वह सोशल मीडिया, नामी मैट्रिमोनियल साइट्स और डेटिंग ऐप्स पर अपनी बेहद आकर्षक और झूठी प्रोफाइल तैयार करता था। महिलाओं को प्रभावित करने के लिए वह उन्हें बिजनेस क्लास में हवाई यात्रा करवाता था और फाइव स्टार होटलों में महंगी डेट्स पर ले जाता था। बातचीत के दौरान वह खुद को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का ग्रेजुएट बताता था और कभी सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज का बेटा होने का दावा करता था। अपने राजनैतिक रसूख को सच साबित करने के लिए वह देश के पूर्व राष्ट्रपति के साथ खींची गई तस्वीरें भी दिखाता था, जिससे कामकाजी महिलाएं आसानी से उसकी बातों में आ जाती थीं। धून की ठगी का यह सिलसिला कई सालों से अबाध गति से चल रहा था। उसने 24 दिसंबर 2015 को पहली आधिकारिक शादी की थी, लेकिन अन्य महिलाओं से अवैध संबंधों की जानकारी मिलने के बाद मई 2019 में उसकी पहली पत्नी ने उसे तलाक दे दिया। इसके बाद वह एक अन्य तलाकशुदा महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगा और उनसे करीब 12 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसी दौरान उसने एक लॉ स्टूडेंट को झांसा देकर कोविड काल में 1.20 लाख रुपये ठगे। साल 2017-18 में उसने यूके (UK) की एक महिला से मैट्रिमोनियल साइट के जरिए संपर्क कर फर्जी बिजनेस डील के नाम पर 20 लाख रुपये ऐंठे, जिसमें उसकी मां चेतना ठक्कर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। इसी तरह फेसबुक के माध्यम से उसने स्पेन की एक महिला से करीब 7,500 पाउंड की ठगी की, जिसकी लिखित शिकायत भारतीय वाणिज्य दूतावास में दर्ज है। अहमदाबाद की एक महिला वकील को भी वह पांच साल तक शादी का झांसा देकर उसकी बचत, शेयर और 18 लाख रुपये के सोने के जेवर हड़प गया।
भोपाल पुलिस की गिरफ्तारी के बाद जेल से छूटते ही मुंबई में की 10वीं ठगी
आरोपी की पोल सबसे पहले साल 2022 में खुली, जब उसने भोपाल में पदस्थ एक क्लास वन अधिकारी से शादी रचाई। शादी के तुरंत बाद वह महिला अधिकारी के लाखों रुपये के जेवर चोरी करके फरार हो गया था। भोपाल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे गुजरात से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह जुलाई 2024 तक करीब दो साल जेल में बंद रहा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उसे इस सख्त शर्त पर जमानत दी थी कि यदि उसने दोबारा ऐसा कोई अपराध किया तो उसकी जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी। परंतु, जेल से बाहर आते ही उसने फिर से वही धंधा शुरू कर दिया। जुलाई 2024 में जेल से छूटकर उसने राजकोट की एक डॉक्टर से 60 हजार रुपये ठगे, लेकिन अहमदाबाद की पीड़ित वकील ने समय रहते डॉक्टर को सचेत कर दिया जिससे वह बच गईं। इसके तुरंत बाद धून ने मुंबई की एक शिक्षिका संचिता मिश्रा (बदला हुआ नाम) को अपना 10वां शिकार बनाया। सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर (FIR) के अनुसार, साल 2025 में जब पीड़िता की हाल ही में एक सर्जरी हुई थी, तब आरोपी ने उन्हें भावनात्मक रूप से सहारा देकर एक फाइव स्टार होटल में बुलाया। अगले ही दिन बिना परिजनों को बताए दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद उसने महिला को अपनी कंपनी में डायरेक्टर बनाने का झांसा देकर 17 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए और उनके नाम पर 6 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड भी जारी करवा लिया। कुल 23 लाख रुपये की ठगी करने के बाद जब वह अचानक गायब हुआ, तब जाकर मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
अमेरिकी पत्रकार ने किया भंडाफोड़, पुलिस कर रही सरगर्मी से तलाश
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय स्तर के ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में अमेरिका की वरिष्ठ पत्रकार विजयालक्ष्मी नडार ने मुख्य भूमिका निभाई। जब मुंबई की शिक्षिका ने उनसे संपर्क किया, तो विजयालक्ष्मी ने कड़ियां जोड़ते हुए पूर्व की सभी पीड़ित महिलाओं से बात की। सभी मामलों में एक ही पैटर्न सामने आया कि आरोपी मुलाकात के तुरंत बाद शादी का प्रस्ताव रखता था ताकि महिलाएं उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लें। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी असली उम्र (34 वर्ष) को छुपाने के लिए पूर्व में फर्जी पैन कार्ड और पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया था। फिलहाल, मुंबई पुलिस की टीमें गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में आरोपी धून प्रेमल ठक्कर की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। इस मामले में आरोपी का पक्ष जानने के लिए जब मुंबई स्थित उसके वकील वेदचेतन पाटिल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यदि उनका मुवक्किल सहमति देगा तभी वे कोई बयान जारी करेंगे, जिसके बाद उनकी ओर से भी कोई उत्तर नहीं मिला। सभी पीड़ित महिलाएं अब कानूनी तौर पर एकजुट होकर इस लुटेरे दूल्हे को सलाखों के पीछे पहुंचाने और सख्त सजा दिलाने की मांग कर रही हैं ताकि भविष्य में कोई अन्य महिला इस जालसाजी का शिकार न बने।




