सोल। कोरियाई प्रायद्वीप में समीकरण बदलते दिख रहे हैं। एक ओर जहां दक्षिण कोरिया संवाद की बात कर रहा है वहीं उत्तर कोरिया अपने रुख पर कायम है। आक्रामक नीति को कायम रखते हुए गुरुवार को प्योंगयांग ने ईस्ट सी (जापान सागर) की ओर एक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया की सेना ने दावा किया कि इसकी रेंज 300 किलोमीटर की रही।

योनहाप ने दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के हवाले से बताया कि सेना ने मिसाइल के दागे जाने का पता लगाया है। हालांकि, पहले इसे अज्ञात प्रोजेक्टाइल बताया गया था और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इसने कितनी दूरी तय की।

यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव बना हुआ है। उत्तर कोरिया ने इससे पहले 12 अगस्त को भी पूर्व दिशा में एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी।

इसके अलावा, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' सैन्य अभ्यास को लेकर भी प्योंगयांग लगातार विरोध जता रहा है। उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा और युद्ध की तैयारी करार देता रहा है।

नॉर्थ कोरिया की कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से योनहाप ने बताया कि बुधवार को किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने सैन्य अभ्यास को लेकर किए जा रहे दावे पर संदेह जताते हुए कहा, "हम इस बात पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी हैं, और यह उत्तर कोरिया के प्रति दुश्मनी का साफ संकेत है।"

उनके मुताबिक, "सैन्य अभ्यासों का दायरा या अवधि कम करने से उनके उकसावे वाले और आक्रामक स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आता।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्योंगयांग की ट्रंप के इस कदम में "जरा भी दिलचस्पी नहीं" है।

20 अगस्त का यह प्रक्षेपण अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती की घोषणा के एक दिन बाद हुआ है।