चेन्नई। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने गुरुवार को उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि भाजपा और एआईएडीएमके मिलकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को गिराने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि यह सरकार की कथित प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने की एक कोशिश है।यह प्रतिक्रिया तब आई जब ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री, सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने दो विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे सत्ताधारी टीवीके के विधायकों को तोड़कर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक तीखी पोस्ट में, नागेंद्रन ने मंत्री के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह तमिलनाडु की जनता से जुड़े अहम मुद्दों को सुलझाने के बजाय, लोगों का ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक हथकंडे अपना रही है।
भाजपा नेता ने बिजली खरीद की बढ़ती लागत और कैदियों के भागने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता बताया, जिस पर सरकार का तुरंत ध्यान जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री इन मुद्दों को सुलझाने में नाकाम रहे हैं और इसके बजाय विपक्षी दलों पर राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप लगा रहे हैं।
नागेंद्रन ने टीवीके पर विरोधाभासी राजनीतिक रुख अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी ने खुद अन्य दलों के विधायकों को अपनी ओर खींचने की कोशिश की थी।
उन्होंने कहा कि यह अजीब बात है कि जिस पार्टी पर खुद विपक्षी विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश करने का आरोप है, वही अब यह दावा कर रही है कि भाजपा और एआईएडीएमके उसकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे आरोपों से सरकार अपने कामकाज को लेकर जनता की कड़ी जांच-परख से नहीं बच पाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक बहस को कथित साजिशों की ओर मोड़ने की कोशिशों से टीवीके प्रशासन की अक्षमता छिप नहीं पाएगी।
यह विवाद तमिलनाडु के ऐसे राजनीतिक माहौल में सामने आया है, जहां सत्ताधारी टीवीके और विपक्षी दलों के बीच टकराव बढ़ रहा है। दोनों पक्ष शासन और राजनीतिक स्थिरता को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
इन आरोपों ने विजय सरकार को मिल रहे विधायी समर्थन और विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीतियों पर फिर से चर्चा छेड़ दी है।
जहां मंत्री ने सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों का आरोप लगाया है, वहीं नागेंद्रन की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि भाजपा इन आरोपों का जवाब शासन से जुड़े मुद्दों, खासकर बिजली खरीद और कानून-व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करके देना चाहती है।
इस घटनाक्रम से तमिलनाडु में सत्ताधारी टीवीके और भाजपा-एआईएडीएमके विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और गहरा गया है।














