नई दिल्ली। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने गुरुवार को प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान की जोड़ी रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराया। भारतीय जोड़ी ने अपनी जीत का श्रेय घरेलू दर्शकों से मिल रहे समर्थन को दिया। जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गायत्री ने कहा, "मुझे लगता है कि कोर्ट पर उतरते ही थोड़ा दबाव तो होता ही है, लेकिन यह ऐसा दबाव है जिसका आप आनंद लेते हैं क्योंकि आप दिल्ली में खेल रहे हैं। तो हां, मुझे लगता है कि पहले सेट में हम 13-16 से पीछे थे, लेकिन फिर हमें अपने कोचों से कुछ टिप्स मिले और मुझे लगता है कि हमने उन्हें बहुत अच्छे से लागू किया, इस वजह से मैं बहुत खुश हूं। दूसरे गेम में भी कुछ पल ऐसे थे जो काफी मुश्किल भरे और कांटे की टक्कर वाले थे, लेकिन मुझे खुशी है कि हम शांत रहे और गेम जीत पाए।"
जब भारतीय खिलाड़ी दबाव में थीं, तब दर्शकों का समर्थन बहुत अहम साबित हुआ। गायत्री को लगा कि दर्शकों की ऊर्जा ने उन्हें मुकाबले में बने रहने और अंततः मैच पर पकड़ बनाने में मदद की। गायत्री ने आगे कहा, "एक समय हम दबाव में थे, भीड़ हमें आगे बढ़ा रही थी, इसलिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं और चाहती हूं कि वे हम पर भरोसा बनाए रखें। मुझे उम्मीद है कि मैं उन्हें जश्न मनाने के और भी मौके दे पाऊंगी।"
त्रिशा जॉली ने भी अपनी साथी की बात से सहमति जताई और कहा कि स्टेडियम के माहौल ने उन्हें तब भी अतिरिक्त जोश दिया, जब स्कोरबोर्ड उनके पक्ष में नहीं था। त्रिशा ने कहा, "दर्शक बहुत जबरदस्त है। मुझे लगता है कि जब हम पहला गेम खेल रहे थे और पीछे भी चल रहे थे, तब भी फैंस ने हमें बहुत हिम्मत दी। मुझे लगता है कि जब हम अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे हों तो हमें बस अपने दमदार खेल दिखाना चाहिए ताकि वे उसे देख सकें।"
भारतीय खिलाड़ियों के लिए अगली चुनौती भी काफी मुश्किल होने वाली है। उन्हें पता है कि क्वार्टर फाइनल के दौर में गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है, लेकिन त्रिशा चाहती हैं कि उनकी जोड़ी मैच के महत्व के बजाय खेल पर ध्यान दे। त्रिशा ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह आसान होगा। वे टॉप लेवल पर खेल रहे हैं और हमारे लिए हर प्वाइंट मायने रखता है। मुझे लगता है कि हमें बस खुद पर भरोसा रखना होगा, शांत रहना होगा और उस पल में पूरी तरह मौजूद रहना होगा।"
गायत्री का कहना है कि रणनीति पर ध्यान देने से पहले वे रिकवरी पर ध्यान देंगी। उन्होंने कहा, "अभी नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि हमें वापस जाकर खाना-पीना करना चाहिए, स्ट्रेचिंग करनी चाहिए, अच्छी नींद लेनी चाहिए और फिर हम अपनी रणनीति पर काम करेंगे और देखेंगे कि कल क्या होता है।"
भारतीय खिलाड़ियों को लगातार रोटेशन और साथ ही लगातार अटैक करके दबाव बनाने का एक ऐसा फॉर्मूला भी मिल गया है, जो अच्छे नतीजे दे रहा है। उन्होंने कहा, "रोटेशन और अटैकिंग गेम बहुत बढ़िया काम कर रहा है, हमें बस इसे जारी रखना है।
भारतीय जोड़ी तब और भी असरदार साबित हुई, जब त्रिशा को अपने जबरदस्त स्मैश लगाने का मौका मिला। दोनों खिलाड़ियों का कहना है कि उन फिनिशिंग शॉट्स से पहले खेले गए शॉट्स भी उतने ही अहम थे। त्रिशा ने कहा, "हां, मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है। उस अहम स्थिति में जब गायत्री ने तेजी से आगे बढ़कर मुझे मौके दिए, तो उसी वजह से हमें लगातार 3-4 प्वाइंट्स मिल पाए।" गायत्री ने कहा, "मैं बस उनके लिए मौका बनाना चाहती हूं, क्योंकि त्रिशा का स्मैश बहुत जबरदस्त है, इसलिए मुझे पता है कि अगर वह स्मैश मारेगी, तो प्वाइंट पक्का है।"
अब मेडल जीतने की संभावना को नजरअंदाज करना मुश्किल है, लेकिन गायत्री का कहना है कि वे इसे अपनी सोच पर हावी नहीं होने देंगी। गायत्री ने कहा, "जाहिर है कि यह हमारे दिमाग में होगा, लेकिन हमें बस इस पल में जीना है - यानी इस जीत का आनंद लेना है, अच्छी तरह रिकवरी करनी है और अगले मैच की तैयारी करनी है।"
त्रिशा ने कहा कि वह घरेलू सरजमीं पर हो रहे इस टूर्नामेंट के हर पल का आनंद लेना चाहती हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हां, यह बहुत अच्छी बात है कि हम अपनी घरेलू जमीन पर खेल रहे हैं, दर्शकों का समर्थन मिल रहा है और हर कोई हमें खेलते हुए देख रहा है। हम बस अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं और इस पल का आनंद लेना चाहते हैं।"




